Gurmeet singh chandhok

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को देहरादून आ रहे हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का PM Modi उद्घाटन करेंगे। अब इसी के साथ चर्चा एक बार फिर सैन्य धाम की होने लगी है। सवाल उठ रहे है कि क्या पीएम मोदी इस बार सैन्य धाम का उद्घाटन करेंगे या फिर नहीं। क्योंकि अभी तक इस पर सस्पेंस बना हुआ है।
सैन्य धाम पर सस्पेंस बरकरार
दरअसल सैन्य धाम के उद्घाटन का इतंजार लंबा होता जा रहा है। उत्तराखंड राज्य गठन के 25 साल पूरे होने पर पिछले साल 9 नवंबर को उत्तराखंड रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के तौर पर कई घोषणाएं और योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उनके आने से पहले चर्चाएं थी कि पीएम मोदी उत्तराखंड में बने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सैन्य धाम का लोकार्पण भी करेंगे।
हालांकि, ये चर्चाएं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के दावों के बाद ही शुरू हुई थी। लेकिन पीएम मोदी के उत्तराखंड पहुंचने के बाद भी सैन्य धाम का लोकार्पण नहीं हुआ। गणेश जोशी ने इसके पीछे का कारण लिफ्ट का काम पूरा नहीं होना बताया था। लेकिन लेकिन असल वजह वो शिकायत है जो पीएमओ तक पहुंची थी।
PMO तक पहुंची थी भ्रष्टाचार की शिकायत
दरअसल, देहरादून में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के विधानसभा क्षेत्र गुनियाल गांव में बन रहे सैन्य धाम उद्घाटन की चर्चाएं तेज हुईं, वैसे ही कई शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंची। ये शिकायतें अधिवक्ता विकेश नेगी और पूर्व सैनिक मधुकांत ध्यानी ने पत्र लिखकर सैन्य धाम निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर की थी।
15 दिसंबर 2021 में रक्षा मंत्री ने राखी थी नींव
बता दें कि 15 दिसंबर 2021 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों से देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम की नींव रखी थी, जिसे अब बनते हुए 4-5 साल हो गए हैं। शुरुआत में इसे 2 साल के अंदर तैयार करने का दावा किया गया था, आलम यह है कि जो निर्माण 49 करोड़ रुपए के प्रस्तावित बजट के साथ शुरू हुआ था जो अब करीब 100 करोड़ तक पहुंच गया है। फिलहाल सैन्य धाम के उद्घाटन को लेकर सस्पेंस अबी भी बना हुआ है
