
उत्तराखंड में 2027 में सत्ता वापसी का सपना देख रही कांग्रेस अब अपने ही नेताओं की गुटबाजी में उलझ कर रह गई है। एक तरफ हरीश रावत के समर्थक सक्रिय होकर बयानबाजी कर रहे हैं। दूसरी तरफ पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता पुराने विवादों को लेकर खुलेआम लड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी
बता दें चर्चाओं का बाजार हरदा के पॉलिटिक्स से ब्रेक के ऐलान के बाद शुरू हुआ। जिसके बाद कांग्रेस के ही नेता हरक रावत ने इस पर चुटकी ली। जवाब में विधायक हरीश धामी ने समर्थकों से सामूहिक इस्तीफे तक की बात कह दी। हरीश धामी के अलावा गोविंद सिंह कुंजवाल भी हरदा के समर्थन में खुलकर सामने आएं हैं। लेकिन इस बीच भाजपा नेता दिनेश अग्रवाल ने हरीश रावत को उज्याडू बल्द करार दिया। जिसपर हरदा ने उन्हे राजनीचिक इतिहास याद दिला दिया।
हरीश रावत ने कांग्रेस से भाजपा में गए दिनेश अग्रवाल को साफ शब्दों में कह दिया कि मयूख महर की जगह 2012 में अग्रवाल को मंत्रिमंडल में शामिल करना उनकी भूल थी। हरदा ने आगे कहा कि अगर अग्रवाल तब मंत्री न होने तो वो कांग्रेस को हाथ छोड़ देते। पार्टी के नेता लगातार इसी तरह से एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं। लेकिन पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हैं इन सबके बीच चुप्पी साधे बैठे हैं।
वैश्विक संकट पर लगातार सरकार को घेर रहे गोदियाल
गोदियाल की तरफ से कांग्रेस में चल रही रार को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि गोदियाल समय-समय पर वैश्विक संकट पर केंद्र सरकार को घेरना हो या गैस किल्लत पर धामी सरकार से सवाल करना हो हर मुद्दे पर वे सरकार से सवाल पूछते रहते हैं।
पार्टी में आपसी रार में मौन नजर आ रहे गोदियाल
बता दें नवंबर 2025 में गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी तह। जिसके बाद से ही गोदियाल ने काफी मेहनत कर पार्टी का ग्राफ बढ़ाया। लेकिन अब नेताओं की तकरार से पार्टी 6 महीने पीछे चल गई है। लेकिन पार्टी की कमान संभाल रहे गोदियाल इस रार पर मौन नजर आ रहे हैं
