Gurmeet singh chandhok

अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बाद भी सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले सात दिनों में सोने की कीमतों में करीब 6000 से अधिक की गिरावट आ गई है। तो वहीं चांदी करीब 18000 रुपए(Silver Price Today) टूटा है।
अमुमन युद्ध या फिर भूराजनीतिक संकट के दौरान निरेशक सोने-चांदी की कीमतों में निवेश करते है। ऐसे ही कुछ 28 फरवरी को अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के दौरान भी देखा गया। 2 मार्च को सोना 5% और चांदी 9% तक उछली। हालांकि उसके बाद कीमतें बढ़ने की बजाय गिर रही हैं।
इस बार युद्ध के बीच भी सोने-चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जहां बीते हफ्ते सोने में 4% और चांदी में 10% की गिरावट देखी गई थी। जिससे शुरुआती बढ़त लगभग खत्म सी हो गई थी। यहीं नहीं विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी इस कीमती घातुओं में उठापटक जारी रह सकती है।
सोने-चांदी में भारी गिरावट Gold Rate Today
आज सोमवार नौ मार्च को भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। जहां सोमवार दोपहर एमसीएक्स पर सोने 0.71 % या 1152 रुपए की गिरावट के साथ 1,60,482 रुपये प्रति 10 ग्राम(Gold Rate Today) पर ट्रेड कर रहा है। तो वहीं चांदी में भी आज 1.64 फीसदी यनी की 4,390 रुपए की गिरावट देखने को मिली। जिससे आज चांदी 2,63895 रुपये प्रति किलोग्राम (Silver Price Today) पर ट्रेड कर रही है।
सोने में क्यों बढ़ रही अस्थिरता
वैश्विक संकट के समय अमुमन सोना-चांदी में स्थिर तेजी दिखाई देती है। लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। विशेषज्ञों की माने तो इसकी वजह है कि बीते दो सालों में सोने-चांदी की कीमतें काफी बढ़ी है। इस दौरान कीमतें दो गुना पहुंची है। तो वहीं चांदी में तो रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने कोमिली। कीमतों में तेजी ने सट्टा निवेश को बढ़ावा दिया। जब कीमतें तेजी से बढ़ती है तो मुनाफे के लिए निवेशक उसमें पैसा लगाते हैं।
इन वजहों से चमक पड़ी फीकी
विशेषज्ञों की माने तो हालिया गिरावट का एक कारण तरलता का दबाव भी हो सकता है। किसी भी संकट के समय जब शेयर बाजार तेजी से गिरता है तो ट्रेडर्स को अपने मार्जिन की जरूरत के लिए नकदी चाहिए होती है। नकदी जुटाने के लिए निवेश बेचने लगते है। जिसके चलते ग्लोबल तनाव के समय भी सुरक्षित निवेशों में भी गिरावट देखने को मिल सकती है
