Gurmeet singh chandhok

बागेश्वर । नशे से पहाड़ भी अछूता नहीं है। महिलाएं नशेड़ी पिता, पति, भाई तथा पुत्र से परेशान हैं। लेकिन अब गांव की महिलाएं भी जागरूक होने लगीं हैं। तल्ला सूपी गांव की महिलाओं ने नशे के विरुद्ध एकजुट होकर समाज को व्यसनमुक्त बनाने की दिशा में सशक्त तथा अनुकरणीय पहल की है।उन्होंने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि शादी-विवाह, पूजा-पाठ, जनेऊ जैसे सामूहिक अथवा व्यक्तिगत आयोजनों में मादक पदार्थों के सेवन या क्रय-विक्रय पर 25 हजार तथा परोसने वालों पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा। इसके साथ ही भांग के पत्तों से चरस बनाने और उसके विक्रय पर जुर्माना व सामाजिक बहिष्कार का भी प्रावधान किया गया है।गांव की सरपंच चंद्रकला टाकुली तथा भागुली देवी ने नशे से पीड़ित परिवारों की महिलाओं के साथ बैठक कर जय श्री अलखनाथ देवता एकता दल नाम से समूह का गठन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव को नशामुक्त बनाते हुए सामाजिक चेतना, अनुशासन तथा आपसी सहयोग को मजबूत करना है।
अभियान में पीएलवी चंपा देवी, गंगा देवी तथा हरकोट की पीएलवी लक्ष्मी देवी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वहीं, ग्राम प्रधान गोकुल तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र ने भी इस जनआंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
महिलाओं की सर्वसम्मति से भागुली देवी को महिला मंगल दल का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान को मजबूती देने के लिए अब तक गांव में तीन से चार बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं तथा एक विस्तृत नियमावली भी तैयार की गई है। जनजागरूकता के उद्देश्य से तल्ला सूपी से तलाई तथा तल्ला सूपी से मल्ला सूपी तक दो दिवसीय पैदल मार्च निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।महिला मंगल दल, ग्राम पंचायत तथा गांव की समस्त महिलाओं की सहमति से यह भी निर्णय लिया गया है कि गांव में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नशे के कारोबार का बहाना बनाने वालों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
यदि कोई नाबालिग मादक पदार्थ खरीदते हुए पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल उसके स्वजनों को दी जाएगी। महिलाओं की इस संगठित तथा सख्त पहल से तल्ला सूपी को एक आदर्श, व्यसनमुक्त गांव के रूप में विकसित करने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
