Gurmeet singh chandhok

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की सहकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा से पहले ही एक संदिग्ध अभ्यर्थी का मामला सामने आया है। आरोपी ने न सिर्फ शैक्षिक प्रमाणपत्र बल्कि जाति प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र और सेवायोजन विभाग की आईडी तक फर्जी तरीके से तैयार कर तीन अलग-अलग आवेदन किए।
अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल कर भरे थे आवेदन
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद के मोदीनगर निवासी सुरेंद्र कुमार ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर आवेदन पत्र भरे थे। सभी दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर सुरेंद्र के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बता दें इस परीक्षा का आयोजन 5 अक्टूबर को किया जाना था।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
आरोप है कि सुरेंद्र ने व्यवस्थित तरीके से फर्जीवाड़ा कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। बताया जा रहा है कि आयोग ने पहले ही उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को सख्त किया था, जिसके चलते यह मामला पकड़ में आया। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
