Gurmeet singh chandhok

Hawk on Puri Jagannath Temple Flag: ओडिशा के पुरी में मौजूद विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में खलबली मच गई। गुरुवार को मंदिर के रत्नजड़ित नीलचक्र पर लहरा रहे पतितपावन बाना’ यानी पवित्र ध्वज पर बाज बैठ गया। जिसने करोड़ों श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया।
दरअसल ये नाजारा इसलिए भी हैरान कर देने वाला है क्योंकि सदियों से अटल मान्यता चली आ रही है कि “श्रीमंदिर के शिखर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं उड़ता।” इस दृश्य ने आस्था और आशंकाओं के बीच भीषण बहस शुरू कर दी है। कोई इसे परिवर्तन का संकेत मान रहा है। तो वहीं कोई इसे महासंकट की आहट कह रहा है।
जगन्नाथ मंदिर के ध्वज पर बैठा बाज Hawk on Puri Jagannath Temple Flag
जगन्नाथ मंदिर के ध्वज पर बाज के दिखने से भक्तों का एक बड़ा वर्ग इसे सकारात्मक पहलू से देख रहा है। पौराणिक ग्रंथों की माने तो बाज को भागवान विष्णु का वाहन गरुड़ माना गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कलियुग के चलते स्वयं गरुड़ देव भगवान जगन्नाथ की रक्षा के लिए ध्वज पर विराजमान हुए हैं। इस घटना को पुरी के कई मठ दिव्य सुरक्षा चक्र के तौर पर देख रहे हैं।
‘भविष्य मालिका’ ने बताया महासंकट की आहट!
तो वहीं भविष्यवाणी करने वालों के बीच इस घटना ने चिंता बढ़ा दी है। इसे आने वाले महासंकट की आहट के तौर पर भी देखा जा रहा है। ओडिशा की प्रसिद्ध ‘भविष्य मालिका’ (संत अच्युतानंद द्वारा रचित) के अनुसार ये एक अशुभ संकेत है। मंदिर के ध्वज पर बाज या फिर किसी हिंसर पक्षी का बैठना किसी बड़े विश्व युद्ध, सत्ता परिवर्तन या फिर प्राकृतिक आपदा का हिंट माना जाता है।
साल 2020 में मंदिर के ध्वज पर आग लगने से हुआ था ये
इससे पहले साल 2020 में भी मंदिर के ध्वज पर आग लग गई थी। उसके तुरंत बाद कोरोना जैसी महामारी पूरी दुनियाभर में देखने को मिली थी। ऐसे मे भक्त साल 2020 की उस घटना को याद कर सहमे हुए हैं।
श्रीजगन्नाथ मंदिर में विज्ञान और परंपरा का रहस्यमयी संगम
दरअसल श्रीजगन्नाथ मंदिर रहस्यों की भूमि में से एक है। विज्ञान भी इस मान्यता के आगे नतमस्तक है कि मंदिर के गुंबद के ऊपर से कोई भी विमान या फिर पक्षी नहीं गुजरता। ऐसे में इस अटल मान्यता के बीच बाज का ध्वज पर आकर बैठना अपने आप में ही बड़ी बात है। ना सिर्फ बैठे रहना बल्कि काफी देर तक वहीं टिके रहना पारंपरिक सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा के नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
सेवायतों और प्रशासन की अपील
इस घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अफवाह से बचने की गुजारिश की है। साथ ही उनका कहना है कि ये एख प्राकृतिक घटना हो सकती है। थकावट के कारण पक्षी विश्राम के लिए वहां बैठ गया होगा। हालांकि मंदिर परिसर ध्वज के साथ अगर असामान्य गतिविधि होती है तो उसके बाद शांति पूजा करती है। इस घटना के बाद भी मंदिर में इसकी तैयारियां की जा रही है।
श्रीमंदिर के रहस्य
- इस मंदिर के आगे विज्ञान भी फेल है।
- इस मंदिर का ध्वज हमेशा हवा की विपरीत दिशा में लहराता है।
- इसके शिखर के ऊपर पक्षी नहीं उड़ते। पक्षियों के इस वर्जित क्षेत्र के बाद आज की घटना और भी ज्यादा रहस्यमयी बन जाती है।
- 214 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर हर रोज एक सेवायत हाथ से ध्वज बदलता है
