
Gurmeet singh
देहरादून से दिल्ली यात्रा (Dehradun to delhi) करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब एक्सप्रेसवे के साथ रेलवे भी नई सौगात देने जा रहा है। देहरादून मोहंड सहारनपुर के बीच नई रेल लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में इस रेल मार्ग की वजह से दिल्ली जाने में करीब दो घंटे की बचत होगी।
दून से सहारनपुर के बीच सीधे दौड़ेगी ट्रेन!
92.600 किमी के इस नए रूट में रेल लाइन बिछाने की लागत 6500 करोड़ रुपए है। परियोजना का फाइनल लोकेशन सर्वे अंतिम चरण में है। जिसके बाद डीपीआर बनाने की तैयारी की जा रही है। तो वहीं देहरादून-मसूरी रेल लाइन परियोजना के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इसको लेकर रेलवे बोर्ड की तरफ से स्वीकृति नहीं आई है।
टनल आधारित होगी परियोजना
उत्तराखंड में जिन नई रेल बरियोजनाओं को लेक नई संभावनाएं जगी हैं उनमें देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन परियोजना भी शामिल है। इसका प्राथमिक सर्वे हो चुका है। तो वहीं फाइनल लोकेशन सर्वे जल्द ही पूरा होगा। ये परियोजना टनल आधारित होगी। जिसमें मोहंड क्षेत्र में सुरंगें बनाई जाएंगी।
फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा!
इसकी संभावनाओं को धरातल पर आकार देने के लिए प्राथमिक सर्वे हो चुका है। फाइनल लोकेशन सर्वे शीघ्र पूरा होने को है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना टनल आधारित है। मोहंड क्षेत्र में रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए टनल बनाई जाएंगी। बता दें कि प्रस्तावित लाइन कुल 104.740 किमी लंबी होगी। इस पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ सकेगी।
रेल लाइन बिछाने की लागत
रेलवे के मुताबिक इस लाइन पर औसतन प्रति किमी 62.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 92.600 किमी के इस नए रूट में रेल लाइन बिछाने की लागत 6500 करोड़ रुपए है। सर्वे का कार्य मोनार्क सर्वेयर्स एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट लिमिटेड को सौंपा गया है।
राज्य सरकार देगी पूरा सहयोग
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि “उत्तराखंड को देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना से बहुत लाभ मिलेगा। देहरादून से दिल्ली आवाजाही करने वालों के लिए सफर सुगम हो जाएगा। इन परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहायता करेगी।”
देहरादून-मसूरी रेल लाइन को नहीं मिली हरी झंडी
वहीं लंबे समय से प्रतीक्षित देहरादून-मसूरी रेल लाइन परियोजना को अभी रेलवे बोर्ड की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इस योजना को अंग्रेजी शासनकाल से ही देखा जाता रहा है। लेकिन फिलहाल यह सपना अधूरा है। हाल ही में सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। मगर सर्वे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद ही इस परियोजना पर काम आगे बढ़ सकेगा
