Gurmeet singh chandhok

उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए “श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजी.)” ने इस साल भी भव्य रामलीला महोत्सव का आयोजन करने का संकल्प लिया है। टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित की गई यह रामलीला अब 22 सितंबर से 3 अक्टूबर 2025 तक रेसकोर्स स्थित श्री गुरुनानक मैदान में मंचित की जाएगी।
कलश यात्रा के साथ हुआ रामलीला का शुभारंभ
महोत्सव का आगाज प्राचीन हनुमान मंदिर, घंटाघर से कलश यात्रा के साथ हुआ। यात्रा पलटन बाजार, राजा रोड, प्रिंस चौक और त्यागी रोड से होती हुई रेसकोर्स मैदान तक पहुंची। यात्रा में भगवान राम दरबार व भगवान वाल्मीकि की आकर्षक झांकियों के साथ देव डोली, ढोल–दमाऊ, शिव–ढोल, मृदंग, पंजाबी ढोल और घोड़े-बग्घियों का संगम देखने को मिला।

75 लाख से अधिक दर्शकों तक लाइव टेलीकास्ट पहुंचाने का लक्ष्य
समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर ने जानकारी देते हुए बताया कि 2024 में आयोजित रामलीला को 55 लाख से अधिक लोगों ने विभिन्न माध्यमों से देखा था। इस बार डिजिटल लाइव टेलीकास्ट सिस्टम से रामलीला का प्रसारण 75 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुंचेगा। रामलीला मंचन के अलावा पारंपरिक भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और 2 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतला दहन का आयोजन होगा।
