दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
हल्द्वानी में यूजीसी के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जनता पर थोपे गए काले कानून के विरोध में प्रकाश हर्बोला के संयोजन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रतिभाग किया। जिसमें सभी ने एक स्वर में इस काले कानून की भर्त्सना की प्रकाश हर्बोला ने कहा यह काला कानून हमारे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है उन्होंने कहा कि संवर्ण समाज अभी तक सोया ही रहा, जब-जब कानून बनते रहे उसका कोई प्रतिकार नहीं किया गया कभी एस०सी ,एसटी एक्ट लागू हुआ तब भी सवर्ण समाज चुप रहा, प्रमोशन में आरक्षण लागू हुआ तब भी सवर्ण समाज चुप रहा, अब यूजीसी के माध्यम से यह काला कानून बनाकर केंद्र सरकार सवर्णों एवं उनके बच्चों पर अत्याचार करने पर उतर आई है, इसे हम कतई स्वीकार नहीं करेंगे,हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि अविलम्ब इस काले कानून को वापस लिया जाए। इसे सवर्ण समाज कतई स्वीकार नहीं करता है। यदि यह कानून थोपा गया तो इसका हर संभव पुरजोर विरोध किया जाएगा विनोद साही जी ने कहा हम लोग संगठित होकर अभी भी इसका विरोध नहीं करेंगे तो हम अपने आने वाली पीढ़ी को क्या देंगे गुलामी अभी समय है सभी सवर्ण समाज एक होकर इस कानून का विरोध करें, कोर्ट की रोक कोई स्थाई नहीं है यह तो कोर्ट से फैसला आने पर ही मालूम पड़ेगा इसीलिए हमें चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ना पड़ेगा। मोहन काण्डपाल ने कहा हमें आज संगठित होने की अत्यंत आवश्यकता है। प्रकाश हर्बोला ने जो पहल प्रारंभ की है उसका मै तहे दिल से स्वागत करता हूं, यह मुहिम अपने मंजिल पर पहुंच कर ही समाप्त होनी चाहिए हमें बीच में संघर्ष नहीं छोड़ना चाहिए कितनी ही कुर्बानी क्यों ना देनी पड़े।प्रदेश अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर जे एस बिष्ट ने कहा कि हम तो नौकरियों में भी आरक्षण का नुकसान उठाते रहे जिसको जॉइनिंग करवाई वहीं 3 साल बाद हमारा बॉस बन गया लेकिन हमने कभी प्रतिकार नहीं किया, हम लगातार दबते रहे लेकिन अति की भी इति होती है। लेकिन अब हमें अपने आंदोलन को सफलता की ओर अग्रसर करना है भुवन भट्ट ने कहा कि यूजीसी कानून अविलम्ब वापस लिया जाए, यदि इसे लागू ही करना पड़े तो इसमें सभी विद्यार्थियों को समान रूप से शिकायत करने का अधिकार होना चाहिए। शिकायतकर्ता शपथ पत्र दे अगर शिकायत झूठी निकले तो उसके लिए दोगुना दंड का प्रावधान हो तेज सिह कार्की ने कहा कि देश में जाति प्रथा को इन राजनीतिक दलों ने अपने वोट बैंक बढ़ाने की खातिर बढ़ावा दिया है। इसके मूल में जातिगत आरक्षण का प्रावधान है इसलिए सर्वे प्रथम जातिगत आरक्षण को समाप्त किया जाना चाहिए, क्योंकि जो सरकारें पिछले 75 वर्षों से आरक्षण लागू कर इन जातियों को देश की मूल धारा में शामिल नहीं कर पाई क्या गारंटी है कि भविष्य में उनका विकास कर पाएगी यह कानून भी कहीं न कहीं उन्हें भी कुंठित कर रहा है, इसलिए आरक्षण को ही समाप्त किया जाना चाहिए। इस तरह अगर हिंदुओं को जाति वर्ग मै बांटा जाएगा तो देश कैसे बचेगा इसलिए सभी जाति वर्गों के लिए समान कानून होना चाहिए ज्योति अवस्थी सुंदर कविता के माध्यम से सरकार को चेताया और उन्होने कहा हमें ठाकुर पंडित, बनिया कायस्थ भूमिहार के रूप में नहीं सोचना है, हम यही सोच रहे है इसलिए कानून द्वारा हमें दबाया जा रहा है हम सबने मिलकर इसका प्रतिकार करना चाहिए।अंत में संयोजक प्रकाश हर्बोला जी ने सभी की सहमति से इस आंदोलन को कल्कि सेना ( ट्रस्ट) एक समाजिक संगठन के अंतर्गत संचालित करने का आह्वान किया कि सभी सवर्ण एक मंच पर आएं तथा अगले कार्यक्रम के माध्यम से सरकार को जगाया जाए। दिनांक 21.02.2026 को कल्कि सेना के बैनर तले महारैली का एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जिसमें हमारी सरकार सवर्णों के हितों के संदर्भ में जो कुंम्भकरणीं नींद सोई हुई है।
सवर्णों के हितों की आवाज सुनने के लिए उसने अपने कान बंद किए हुए हैं, उसे भी ढोल नगाड़ों के साथ कल्कि सेना एक सामाजिक संगठन खुलवाने का कार्य करेगी कार्यक्रम का संचालक भुवन भट्ट द्वारा किया गया कार्यक्रम मे मुख्य रूप से प्रताप जोशी,गणेश जन्तवाल, विशाल शर्मा, गौरव गोस्वामी, देवेंद्र खाती, प्रवेंद्र दुबे, जगत सिंह बिष्ट, सीमा बत्रा, ज्योति अवस्थी, अंजू पाण्डे, नेहा चन्दोला, दीप्ति गुरुरानी, मृदुला जी, सौरभ काण्डपाल, आंनद बल्लभ लोहनी, नीता गुप्ता, तरनजीत कौर, सुशील भट्ट, नवीन पंत, योगेंद्र जोशी, हरीश ऐरी, महेश चंद्र जोशी, जितेन्द्र सिंह रावल, हरीश काण्डपाल आदि दर्जनों प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
*आगे के कार्यक्रम के संचालन के लिए 9 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया तथा अगली अब प्रचंड महा रैली अगले 21 फरवरी 2026 को होगी जिसमे सभी स्वर्ण समाज अधिक से अधिक संख्या में भाग लेंगे तथा इस महारैली मे महिलाओं युवाओं से आह्वान किया अधिक से अधिक संख्या मे रैली को सफल बनाने हेतु आगे आये*
