Gurmeet singh chandhok

हल्द्वानी/देहरादून। दमुवाढूंगा स्थित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 26 फरवरी 2026 को पारित आदेश में Uttarakhand Real Estate Regulatory Authority (रेरा ) ने Punjab National Bank (PNB) पर कड़ा रुख अपनाया है।
आदेश के अनुसार, डिक्री होल्डर की ओर से अधिवक्ता ने ट्रिब्यूनल को अवगत कराया कि 29.01.2026 के अपीलीय आदेश का पालन PNB द्वारा नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान जजमेंट डेब्टर के रूप में PNB और धनंजय गिरी अनुपस्थित रहे, जिस पर ट्रिब्यूनल ने नाराजगी जाहिर की।
रेरा ने PNB के ब्रांच हेड, BO-ARMB, विधान सभा देहरादून को अगली तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और शपथपत्र (अफिडेविट) के साथ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि 29.01.2026 के आदेश के रेरा ट्रिब्यूनल के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जा सके।
₹5000 प्रतिदिन जुर्माने की चेतावनी
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि अगली तिथि तक PNB ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तो 29 जनवरी 2026 से आदेश के अनुपालन तक ₹5000 प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।
बैंक की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण ने बैंक की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। घर खरीदारों का आरोप है कि उन्हें गुमराह किया गया और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की गई। अब बड़ा सवाल यह है कि साफ हो रहा है कि बैंक के द्वारा मनमानी की जारी है। तो क्या बैंक प्रभावित खरीदारों की भरपाई करेगा? क्योंकि इस पूरे प्रकरण में बैंक के ऑल अधिकारियों के द्वारा कहा गया था कि उनके खाते में तो हर महीने उनकी सैलरी आ जाती है तो इन सब प्रकरण में उनका कोई नुकसान नहीं है उन्हें किसी भी चीज का लेना-देना नहीं है
फिलहाल रेरा के सख्त रुख से यह संकेत साफ है कि आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सबकी निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि बैंक अनुपालन करता है या कानूनी कार्रवाई और तेज होगी। इन सब के बीच में खरीदारों का एक यह भी आरोप है कि बैंक ने जो वकील अपने पक्ष के लिए किया है उसे बैंक के अधिकारी अपने सैलरी से उसकी फीस देंगे या फिर आम जनता के पैसे उसकी फीस देने में लगेंगे
