



रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
जनपद गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी ने बागेश्वर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद सिंह जीना को निर्देशित किया कि नगर में लंबित लेगेसी वेस्ट का निस्तारण आगामी छह माह के भीतर, अर्थात सितंबर तक शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका को इस संबंध में विशेष कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गरुड़ नगर पंचायत एवं कपकोट नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों द्वारा लेगेसी वेस्ट की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जहां-जहां कचरा निस्तारण के बाद भूमि खाली हो रही है, वहां उस स्थान को पारिस्थितिक दृष्टि से उपयोगी स्वरूप—जैसे पार्क, उद्यान अथवा अन्य जनोपयोगी विकास कार्य—के रूप में विकसित किया जाए, विशेषकर कपकोट क्षेत्र में मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में कार्य किया जाए।
बैठक में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। प्रत्येक निकाय एवं ग्राम पंचायत से कुल परिवारों की संख्या तथा निर्मित सोख गड्ढों की संख्या का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिन गांवों में स्वच्छता की स्थिति बेहतर है, उन्हें मॉडल स्वच्छ ग्राम के रूप में चिन्हित किया जाए तथा अन्य ग्राम पंचायतों के प्रधानों को वहां से सीख लेने हेतु प्रेरित किया जाए, ताकि आपसी अनुभव साझा कर स्वच्छता में सुधार लाया जा सके।
जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को निर्देश दिए है कि कचरा जलाने की घटनाओं पर सख्ती से जुर्माना लगाया जाए साथ में प्लास्टिक का अनुचित निस्तारण एवं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर चालान की कार्रवाई बढ़ाई जाए।
सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हुए राजस्व में वृद्धि के उपाय करें तथा शत-प्रतिशत घरों को कवर करना सुनिश्चित करें। साथ ही जनपद में अवैध कचरा डंपिंग के हॉटस्पॉट्स की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से समाप्त किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। नमामि गंगे के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सभी विभागों, निकायों एवं ग्राम पंचायतों को समन्वित प्रयास करते हुए समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त करने होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रवर्तन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनपद को स्वच्छ एवं पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित बनाया जा सके।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी एन एस नबियाल, परियोजना निर्देशक शिल्पी पंत तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
