
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन सियासी हलचल तेज हो चुकी है। भाजपा ने चुनावी तैयारियों की कमान अभी से संभाल ली है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने मौजूदा विधायकों का एक इंटरनल सर्वे कराया है, जिसकी रिपोर्ट ने कई चेहरों की चिंता बढ़ा दी है।
इंटरनल सर्वे ने बढ़ाई विधायकों की धड़कन
बताया जा रहा है कि इस सर्वे में एक दर्जन से ज्यादा विधायक रेड जोन में बताए गए हैं। यानी उनकी परफॉर्मेंस, जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ऐसे विधायकों के टिकट पर 2027 में संकट आ सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने दिया स्पष्टीकरण
हालांकि, इन अटकलों पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट रुख रखा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी विधायक का टिकट काटने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। यह भी साफ किया कि टिकट तय करने का फैसला कोर कमेटी में नहीं होता। उनके मुताबिक सर्वे की रिपोर्ट को पार्लियामेंट्री कमेटी देखती है और अंतिम निर्णय वही लेती है।
दूसरा सर्वे करा सकती है पार्टी
महेंद्र भट्ट ने कहा कि बीजेपी का असली टिकट पहले से तय है, वह है ‘कमल का फूल’। उनका कहना था कि पार्टी व्यक्ति नहीं, संगठन और विचारधारा के आधार पर चुनाव लड़ती है। इधर, यह भी चर्चा है कि पार्टी एक और सर्वे कराने की तैयारी में है। दूसरे सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ही 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों का अंतिम चयन किया जा सकता है। ऐसे में कई मौजूदा विधायकों के लिए आने वाले महीने अहम साबित हो सकते हैं।
