
ऋषिकेश संस्कृत नगरी में संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार गैरोला ने श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय समेत कई विद्यालयों का निरीक्षण किया।
संस्कृत विद्यालयों के औचक निरीक्षण पर पहुंचे सचिव दीपक कुमार गैरोला
सचिव गैरोला ने अपने दौरे की शुरुआत श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय के निरीक्षण से की। इसके बाद उन्होंने कृष्ण कुंज संस्कृत विद्यालय और श्री भरत संस्कृत विद्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने राज्य सरकार द्वारा संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 13 संस्कृत ग्रामों की स्थापना की गई है, जिससे गांव-गांव में संस्कृत बोलचाल की भाषा बन सके।
छात्र-छात्राओं को बताई सरकार की योजनाएं
सचिव ने छात्र-छात्राओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि संस्कृत पढ़ने वाली बालिकाओं को गार्गी छात्रवृत्ति और अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों को डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रवृत्ति देकर उन्हें इस दिशा में प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब संस्कृत शिक्षा को केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। विद्यालयों में साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष और वेद जैसे विषयों के साथ-साथ विज्ञान, गणित और अंग्रेजी को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है, ताकि संस्कृत के छात्र समाज में बराबरी से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
छात्रों को करवाई जाएगी IAS और PCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
सचिव ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के माध्यम से जल्द ही छात्रों को IAS और PCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जाएगी। इसके अलावा, संस्कृत के छात्रों को विदेशी भाषाएं सीखने के लिए उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के जरिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। सचिव गैरोला ने शिक्षकों और प्रबंधन से आह्वान किया कि छात्रों के सामान्य ज्ञान को मजबूत करने के लिए उन्हें नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने की आदत डलवाई जाए। साथ ही संस्कृत संभाषण को बढ़ावा देने के लिए दैनिक संस्कृत समाचारों को विद्यालयों और छात्रावासों में अनिवार्य रूप से सुनाया जाए
