Gurmeet singh chandhok

पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना साहिब में सुशोभित पवित्र जोड़े साहिब के साक्षात दर्शन किए और संगत से भेंट की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की गुरु महाराज जी के प्रति गहरी श्रद्धा और सिख समाज से व्यक्तिगत जुड़ाव स्पष्ट झलका।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में पवित्र जोड़े साहिब के बारे में हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इस ऐतिहासिक धरोहर के महत्व से अत्यंत प्रभावित हुए थे। चर्चा के दौरान यह बताया गया कि वक्ता के पूर्वज दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के सेवादार थे और गुरु साहिब ने उन्हें ये पवित्र जोड़े अपनी निशानी के रूप में प्रदान किए थे। लगभग 300 वर्षों से यह परिवार इस पवित्र धरोहर की सेवा करता आ रहा था।
video-https://youtu.be/nNQwFxupTeU?si=S7cvKZluf61xEoS3
प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय सलाह दी थी कि पवित्र जोड़े साहिब की वैज्ञानिक जांच (कार्बन डेटिंग) कराई जानी चाहिए, जिससे इसकी ऐतिहासिकता प्रमाणित हो सके। जांच में इसके सटीक ऐतिहासिक काल की पुष्टि हुई। सिख ग्रंथ “महान कोश” में भी पवित्र जोड़े साहिब का उल्लेख मिलता है।
इसके बाद सिख समाज के 8 विशिष्ट व्यक्तियों की समिति का गठन किया गया, जिसने यह निर्णय लिया कि पवित्र जोड़े साहिब को वहीं सुशोभित किया जाए जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चरण पहली बार पड़े — पटना साहिब।
अब देश-विदेश से आने वाली सिख संगत पवित्र जोड़े साहिब के साक्षात दर्शन कर सकेगी। ‘गुरु चरण यात्रा’ के रूप में यह आयोजन आस्था, एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर वक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि,
“पवित्र जोड़े साहिब को सिख संगत को सौंपने की हमारे परिवार की इच्छा से लेकर उनके पटना साहिब में विराजमान होने तक प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन अत्यंत प्रेरणादायक रहा। गुरु महाराज जी की कृपा सभी पर बनी रहे।”
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