
केदारनाथ धाम यात्रा के कपाट इस साल 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। शासन-प्रशासन की ओर से यात्रा की तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में आज डीएम विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई प्रगति और शेष कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
15 अप्रैल तक सभी कार्य हर हाल में हो पूरे: DM
बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं जैसे सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा एवं स्वच्छता की अद्यतन स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले 15 अप्रैल तक सभी कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने कहा कि पेयजल, विद्युत, उरेडा, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों की निरंतर निगरानी की जा रही है और सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करें।
हाईवे और यात्रा मार्ग पर न हो अतिक्रमण
डीएम रुद्रप्रयाग ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर अधिकांश स्थानों पर सोलर लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। विद्युत लाइनों की मरम्मत का कार्य तेजी से जारी है। सड़कों पर पैचवर्क का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे यात्रा मार्ग को सुचारू एवं सुरक्षित बनाया जा सके। इसके अलावा, कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई है। डीएम ने आमजन से अपील की कि राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निकायों द्वारा नियमित रूप से अतिक्रमण के विरुद्ध चालान की कार्रवाई भी की जा रही है।
यात्रा मार्ग पर गंदगी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यात्रा मार्ग पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि केदारनाथ यात्रा में आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ, सुरक्षित एवं सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें, जिससे राज्य की छवि और अधिक सुदृढ़ हो
