
उत्तराखंड में Chardham yata 2026 की तैयारियां तेज हो गई है। बता दें अब तक यात्रा के लिए 10 लाख यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी देते हुए बताया कि गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
उत्तराखंड में Chardham yata 2026 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किए जाएं।
2025 में 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सीएम ने कहा कि साल 2025 की यात्रा प्राकृतिक आपदाओं के कारण डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी, इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
श्रद्धालुओं को सुरक्षित चारधाम दर्शन कराना सरकार की जिम्मेदारी: CM
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले हर एक श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद चारधाम दर्शन कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन और प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
हितधारकों से किया जा रहा समन्वय और संवाद स्थापित
सीएम ने यह भी कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों जैसे अतिथि गृह संचालक, ढाबा संचालक, टैक्सी और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग के साथ अभी से समन्वय और संवाद स्थापित कर लिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर Chardham yatra से संबंधित आवश्यक सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती रहेंगी, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें।
