
लोहाघाट के 19 सरकारी विद्यालयों को मिला भूमि का मालिकाना हक, जिलाधिकारी ने दी भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद चम्पावत की तहसील लोहाघाट के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, क्षेत्र के 19 ऐसे विद्यालयों को, जो लंबे समय से सरकारी भूमि पर संचालित थे, अब विधिवत भूमि का स्वामित्व प्रदान किया गया है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी लोहाघाट की आख्या और शासन के विभिन्न नीतिगत निर्णयों के आधार पर इन विद्यालयों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने हेतु जिला प्रशासन चम्पावत द्वारा ‘विद्यालयी शिक्षा विभाग’ उत्तराखंड शासन को भूमि हस्तांतरण हेतु प्रदान की गई है।
इस निर्णय के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय कण्टुकरा को 0.050, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनगांव को 0.040, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिलखी को 0.059, राजकीय प्राथमिक विद्यालय वलचौड़ा को 0.035, राजकीय प्राथमिक विद्यालय डकला को 0.020, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बायल को 0.040, राजकीय प्राथमिक विद्यालय खायकोट मल्ला को 0.040, राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमोला को 0.040, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कलीगांव को 0.050, राजकीय प्राथमिक विद्यालय डुरौ को 0.020, राजकीय जूनियर हाईस्कूल बमनकुड़ा को 0.040, राजकीय प्राथमिक विद्यालय किमतोली को 0.064, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौडा को 0.035, राजकीय प्राथमिक विद्यालय टमटकाण्डे को 0.035, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मड़चमार को 0.040, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट को 0.037, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुरेली को 0.050, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुनकुरी को 0.060 और राजकीय प्राथमिक विद्यालय जमरसौं को 0.075 हेक्टेयर सहित कुल 0.830 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि शासन प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि हस्तांतरण की इस प्रक्रिया के पूर्ण होने से अब इन विद्यालयों में नए भवन निर्माण, खेल मैदान और अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा। यह समस्त हस्तांतरण लोक प्रयोजन की दृष्टि से शासन द्वारा निर्धारित शर्तों और प्रतिबन्धों के अधीन किया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्राप्त हो सकेगा।
