




*श्रद्धालुओं को मिलेगी सुगम, सुरक्षित एवं त्वरित यात्रा की आधुनिक सुविधा*
रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
जनपद चम्पावत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पूर्णागिरि मंदिर में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
दिल्ली स्थित कार्यदायी संस्था के.आर. आनंद कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर श्री महेन्द्र राठौर ने जिलाधिकारी को रोपवे के तकनीकी पहलुओं, संरचनात्मक विशेषताओं एवं वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार रोपवे की कुल लंबाई 950 मीटर होगी, जिसमें दो ट्रालियां संचालित होंगी। प्रत्येक ट्राली में एक समय में 65 श्रद्धालु सवार हो सकेंगे। यह रोपवे एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक लगभग 250 मीटर की ऊँचाई को मात्र 7 मिनट में पार करेगा, जिससे प्रति घंटे 800 से अधिक श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी।
रोपवे के संचालन से हनुमानचट्टी से काली मंदिर तक का लगभग 6 किलोमीटर का पैदल एवं सड़क मार्ग कम हो जाएगा, जिससे विशेषकर वृद्धजन, महिलाएं एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
परियोजना की विशेषता यह है कि हनुमानचट्टी एवं काली मंदिर टर्मिनल स्टेशनों के मध्य 950 मीटर की पूरी दूरी में किसी प्रकार का मध्य पोल नहीं लगाया जाएगा, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित रहेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवश्यक सामग्री का शीघ्र स्थानांतरण सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी पूर्णागिरि मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की तथा संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को बाटनगाड़ क्षेत्र में सड़क सुधारीकरण हेतु विभिन्न विकल्पों पर शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
