Gurmeet singh chandhok

सोमवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लोकसभा में कुछ ऐसा कहा जिसे सुनकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में चल रही वॉर (Iran Israel War) पर सदन को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि देश के सामने भी ‘अप्रत्याशित चुनौतियां’ हैं। इस जंग का असर काफी समय तक बने रहने की भी आशंका जताई। उन्होंने भारत में कोरोना जैसे हालात के लिए लोगों को तैयार रहने को कहा हैं।

भारत में दोबारा से कोरोना जैसे हालात!, PM Modi ने दे दी चेतावनी
दरअसल देश में कोविड के दौरान बद से बत्तर हालात थे। उस दौरान सप्लाई चेन में संकट पैदा हुआ था। ऐसा ही कुछ असर भारत में देखने को भी मिल रहा है। गैस की किल्लत, पेट्रोल पंप में लोगों की लंबी लाइनें, शहरों में होल्टल्स, रेस्ट्रा आदि के बंद होने की भी खबर सामने आने लगी है। स्पलाई चेन में भी संकट देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर तो वर्क फॉर्म होम भी कर्मचारियों को दे दिया गया है। यानी कि लॉकडाउन वाली स्थिति कहीं ना कहीं देखने को मिल ही रही हैं।
इसी को लेकर पीएम मोदी ने भी भारत के लोगों को चेताया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है। इस संकट को तीन हफ्तों से अधिक हो रहा है। इस जंग से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है।”
‘भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां’ – PM Modi
आगे उन्होंने कहा, “भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हैं। साथ ही मानवीय चुनौतियां भी हैं।”
बताते चलें कि पीएम ने मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात, होर्मुज़ स्ट्रेट में स्वतंत्र आवाजाही में बाधा आदि को लेकर बात की। साथ ही उन्होंने भारत में गैस, पेट्रोल, डीज़ल और फ़र्टिलाइज़र्स के सप्लाई और स्टॉक के बारे में भी कहा।

मिडिल ईस्ट में वॉर के दौरान कुछ भारतीयों की गई जान
उन्होंने कहा, “इस दौरान मैंने पश्चिम एशिया के देशों के नेताओं से दो राउंड बात की। उन देशों के नेताओं ने भारतीयों की सुरक्षा का विश्वास दिलाया है। हालांकि दुर्भाग्य से कुछ भारतीयों की मृत्यु हुई है। प्रभावित देशों में मौजूद भारतीय मिशन वहां गए भारतीय पर्यटकों और वहां रह रहे लोगों के साथ 24 घंटे जुड़ा हुआ है और उनकी मदद कर रहा है।”
पीएम ने आगे बताया, “युद्ध शुरू होने से लेकर अबतक 3 लाख 75 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। ईरान से 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल पढ़ाई करने वाले युवा हैं। इन देशों में सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी है.”
भारत में तेल, गैस की स्थिति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फ़र्टिलाइज़र जैसी अनेक ज़रूरी चीजें होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते आती हैं। युद्ध के बाद से ही होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों का आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। बावजूद इसके, हमारी सरकार का ये प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीज़ल और गैस की सप्लाई बहुत ज़्यादा प्रभावित न हो।”
आगे उन्होंने कहा, “भारत के पास कच्चे तेल के 53 लाख मिट्रिक टन का स्ट्रेटेजिक रिज़र्व है. अतिरिक्त 65 लाख मिट्रिक टन रिज़र्व बनाने पर काम हो रहा है. तेल कंपनियों के पास अलग रिज़र्व है। हमारा प्रयास है, तेल, गैस, फ़र्टिलाइज़र वाले जहाज़ भारत सुरक्षित पहुंचें. सभी वैश्विक सहयोगियों से बातचीत कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज़ स्ट्रेट में फंसे कई जहाज़ भारत आए भी हैं।”
संकट की घड़ी में देश की ये तैयारी आ रही काम
“संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी बहुत काम आ रही है। पिछले 10 साल में इथेनॉल के उत्पादन और ब्लेंडिंग बढ़ी है। आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनाल ब्लेंडिंग कर रहे हैं। इससे साढ़े चार करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ रहा है। रेलवे के बिजलीकरण से हर साल 180 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत हो रही है।”
“आज मेट्रो का नेटवर्क 1100 किलोमीटर हो गया है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया गया है। केंद्र ने राज्यों को 15 हज़ार इलेक्ट्रिक बसें दी हैं। वैकल्पिक ईंधन पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा।”
पीएम मोदी ने कहा, “भारत सरकार इस संकट में एक रणनीति के तहत काम कर रही है। हम हर सेक्टर के स्टेक होल्डर्स के साथ चर्चा कर रहे हैं। भारत सरकार ने एक इंटरमीनिस्ट्रियल ग्रुप भी बनाया है जो हर दिन मिलता है और आवश्यक समाधान पर काम करता है.”
एलपीजी की सप्लाई पर पीएम ने कहा ये
पीएम मोदी ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि देश अपनी ज़रूरत का 60 फ़ीसदी एलपीजी प्रोडक्शन करता है. देश में इसके उत्पादन को हमने बढ़ावा दिया है. पेट्रोल-डीज़ल की सप्लाई सुचारू रूप से जारी रहे, इसके पर काम जारी है.”
‘होर्मुज़ स्ट्रेट में रुकावट अस्वीकार्य’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर शांति की अपील की है. तनाव को कम करने और संघर्ष ख़त्म करने का आग्रह किया है. एनर्जी, परिवहन और नागरिक ठिकानों पर हमला नहीं होना चाहिए. कमर्शियल जहाज़ों पर हमला, होर्मुज़ स्ट्रेट में रुकावट अस्वीकार्य है.”
लंबे समय तक भारत में दिखेगा इसका प्रभाव
पीएम मोदी ने कहा, “इस संघर्ष का प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की संभावना है। हमें बहुत सावधान और सतर्क रहना है, हालात का फ़ायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का प्रयास करेंगे, उनसे बचने की ज़रूरत है. शभी राज्य सरकारें कालाबाज़ारी और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए.”
फ़र्टिलाइज़र्स की सप्लाई पर भी पड़ेगा असर
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वॉर के चलते फ़र्टिलाइज़र्स की सप्लाई पर भी असर पड़ेगा।पीएम मोदी ने कहा, “देश में पर्याप्त खाद्यान्न है. खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके, यह ज़रूरी है यह सरकार की प्राथमिकता है. हमारी सरकार ने दुनिया के संकट का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया.”
कोरोना के दौरान सप्लाई चेन बाधित
उन्होंने कहा, “कोरोना के दौरान भी सप्लाई चेन बाधित हो गया था। यूरिया की एक बोरी 3000 रुपये तक पहुंच गई लेकिन भारत ने 300 रुपये बोरी उपलब्ध कराया।” पीएम मोदी ने कहा, “बीते दस सालों में देश में छह यूरिया प्लांट शुरू किया गया है जिससे 76 लाख मिट्रिक ट्रन उत्पादन जुड़ा है।
डीएपी का उत्पादन 50 लाख मिट्रिक टन बढ़ाया गया है। इसके अलावा किसानों को मेड इन इंडिया नैनो यूरिया का विकल्प दिया गया है। पीएम किसान योजना के तहत 22 लाख से ज़्यादा सोलर पंप दिए गए हैं। देश के किसानों को विश्वास दिलाता हूं कि भारत सरकार उनकी पर्याप्त मदद करती रहेगी।”
