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गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखंड शासन द्वारा DGsP/IGsP Conference, 2024 की संस्तुतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने निर्देशित किया है कि नए आपराधिक कानूनों के संक्षिप्त रूप BNS, BNSS एवं BSA के स्थान पर उनके पूर्ण नाम—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम—का ही प्रयोग किया जाए।
इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों के वास्तविक महत्व, भावना एवं प्रावधानों को जनसामान्य तक सरल एवं स्पष्ट रूप में पहुंचाना तथा भारतीय न्याय संहिता की प्रमुख धाराओं को लोकप्रिय बनाना है, जिससे जन-जागरूकता का स्तर बढ़ सके। पूर्व में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 (हत्या) एवं 420 (धोखाधड़ी) जैसी धाराएं जिस प्रकार आम जनता में प्रचलित थीं, उसी प्रकार नए कानूनों की धाराओं को भी जनमानस से जोड़े जाने पर विशेष बल दिया गया है।
यह पहल नए आपराधिक कानूनों को जन-जन तक पहुंचाने तथा भारतीय न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
