Gurmeet singh chandhok
हल्द्वानी: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के मंगलवार को हल्द्वानी तहसील कार्यालय में हुए औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार से लेकर पटवारी और अमीन तक किसी के पास लंबित मामलों की सही जानकारी नहीं थी। कमिश्नर द्वारा पूछे गए सवालों पर सभी अधिकारी एक-दूसरे का चेहरा देखते नजर आए।
निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर की पार्किंग अव्यवस्था, गंदगी और शौचालयों की खराब स्थिति पर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी जताई और तुरंत व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जब वह कोर्ट रूम पहुंचे और लंबित मामलों, 143 के प्रकरणों तथा बकाएदारों की सूची चस्पा करने संबंधी जानकारी मांगी, तो अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर कमिश्नर ने कड़ी फटकार लगाते हुए पत्रावलियों के रखरखाव को भी असंतोषजनक बताया।
कमिश्नर रावत ने साफ निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर तहसील में लंबित पड़े सभी मामलों का निस्तारण किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर की नाराजगी और सवाल-जवाब ने तहसील की व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर कर दी।
