
Keshav thalwal case: टिहरी जिले से जुड़े केशव थलवाल मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों के बीच वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा है। आयोग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
वायरल वीडियो से बढ़ा था विवाद
बता दें मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में टिहरी के केशव थलवाल ने आरोप लगाया था कि पुलिस हिरासत में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। उनका दावा है कि उन्हें मारपीट, अपमानजनक बर्ताव और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और प्रदेशभर में लोगों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी।

पुलिस ने दी सफाई
बढ़ते दबाव के बीच उत्तराखंड पुलिस पर कई सवाल उठे। हालांकि पुलिस विभाग ने कुछ आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले में दोनों पक्षों की जांच जरूरी है और प्रक्रिया जारी है। बताया जा रहा है कि मामले के तूल पकड़ने के बाद विभाग ने आंतरिक जांच के आदेश दिए और कुछ अधिकारियों को हटाया भी गया है।
धामी सरकार पर बढ़ा दबाव
मानवाधिकार आयोग ने अपने पत्र में साफ कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। आयोग की एंट्री के बाद अब धामी सरकार और पुलिस दोनों पर दबाव बढ़ गया है। बता दें केशव थलवाल केस अब सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े फैसले और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
