
रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
ऐड़ी ब्यानथुरा दरबार का इतिहास काफी पुराना है, जो उत्तराखंड की देवभूमि में स्थित है। यह मंदिर लोक देवता ऐड़ी देवता को समर्पित है, जिन्हें महाभारत के अर्जुन के अवतार के रूप में माना जाता है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है यहाँ पर अकूत लोहे के धनुष-वाण और अन्य अस्त्र-शस्त्र के साथ बड़े बड़े शंख व घंटियां चढ़ाये गये हैं।
ऐड़ी देवता के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ब्यानधुरा में तपस्या की और कालांतर में देवत्व प्राप्त किया। वह धनुष युद्ध विद्या में निपुण थे और उनका मंदिर देवताओं की विधान सभा के रूप में माना जाता है। मंदिर में एक अखंड धुनी भी है, जो लगातार जलती रहती है।
ऐड़ी देवता के बारे में कुछ रोचक तथ्य:
- लोक देवता: ऐड़ी देवता उत्तराखंड के लोक देवता हैं, जिनकी पूजा पूरे कुमाऊँ क्षेत्र में होती है।
- मंदिर: ऐड़ी देवता का मंदिर ब्यानधुरा में स्थित है, जो टनकपुर मुख्य सड़क से 35 किमी दूर है।
- पूजा: मंदिर में नवप्रसूता गाय या भैंस के दूध को चढ़ाने की परंपरा है, जो 22 दिन पूरे होने पर किया जाता है।
- महत्व: ऐड़ी देवता को मवेशियों के देवता के रूप में माना जाता है और उनकी पूजा करने से मवेशियों की सेहत और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
ऐड़ी ब्यानथुरा दरबार एक ऐसा स्थान है, जो आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहाँ लोग अपनी मनोकामनाएँ पूरी करने के लिए आते हैं ¹ ²।
