
उत्तराखंड कांग्रेस में शायद इन दिनों कुछ खटपट चल रही है। पार्टी के बड़े नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर राजनीति से 15 दिन का ब्रेक लेने का ऐलान किया है। जिसके बाद से ही अटकलों का बाजार गर्म है कि आखिर पार्टी में अचानक ऐसा क्या हो गया है जो हरदा को ब्रेक लेना पड़ा।
हरदा ने किया राजनीति से ब्रेक का ऐलान
हरीश रावत उत्तराखंड की राजनीति का हमेशा से ही एक बड़ा चेहरा रहे हैं। कांग्रेस दिगग्जों में शुमार हरदा ने 15 दिनों के लिए राजनीति से ब्रेक लिया हुआ है। ये जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की है। हरदा ने लिखा मैं अगले 15 दिनों तक कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं करूंगा, लेकिन मैं विवाह समारोह और ईद के कार्यक्रमों में सम्मिलित रहूंगा। इसमें मेरी प्रस्तावित प्रेस वार्ता भी सम्मिलित है।

हरदा ने इसे अर्जित अवकाश की पहली किश्त बताया है। उनके इस बयान से अब सियासों गलियारों में तूफान आ गया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना की माने तो इस उम्र में हरीश रावत को शायद मौन और व्रत की आवश्यकता है। इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया है। धस्माना ने कहा हरीश रावत परिवार के बड़े हैं, जिनका आशीर्वाद हमेशा ही पार्टी के साथ रहेगा।
सदस्यता ग्रहण के कार्यक्रम में भी मौजूद नहीं थे हरदा
हालांकि Harish rawat post को देख कर ऐसा लगता नहीं है कि ये कोई समान्य ब्रेक हैं। क्योंकि पिछले कुछ समय से कांग्रेस के अंदर कुछ मुद्दों को लेकर उनके असहजता की खबरें आ रही थी। वहीं दिल्ली में सदस्यता ग्रहण के कार्यक्रम में भी उनका उपस्थति न होना। वहीं सदस्यता लेने से ठीक एक दिन पहले ही राजनीतिक ब्रेक का ऐलान करना संयोग नहीं हो सकता।
हरीश रावत का इस तरह से अचानक राजनीतिक से ब्रेक लेने का ऐलान करना कहीं न कहीं इस ओर भी संकेत कर रहा है कि शायद कुछ नए नेताओं का कांग्रेस पार्टी में आना उन्हें पसंद नहीं आया। बताते चलें कुछ समय पहले दिल्ली में हुई बैठक में भी हरीश रावत की नाराजगी सामने आई थी। वैसे तो अभी तक हरदा ने सीधे तौर पर पार्टी से अंसतोष जाहिर नहीं किया है। लेकिन उनका यूं राजनीति से ब्रेक लेना कांग्रेस में अंदरूनी कर्लह की अटकलों को हवा दे रहा है
