
देहरादून स्थित गांधी पार्क में बुधवार को इंडिया गठबंधन ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने मौन व्रत रखकर विरोध दर्ज कराया और सरकार पर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
बस्तियों को उजाड़ने के खिलाफ इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन
धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने कहा कि सरकार नियमों को दरकिनार करते हुए ऋषिकेश, बिंदुखत्ता, पूछड़ी और बापू ग्राम सहित कई इलाकों में लोगों को खाली कराने की कार्रवाई कर रही है। इंडिया गठबंधन का कहना है कि सालों से बसे लोगों को अचानक बेदखल करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि सामाजिक अस्थिरता को भी बढ़ावा देता है।
ये है इंडिया गठबंधन की मांगें
इंडिया गठबंधन की ओर से मांग रखी गई कि वर्ष 2016 की कट-ऑफ डेट को आधार मानते हुए बस्तियों और वन भूमि पर लंबे समय से रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जाए। नेताओं ने कहा कि जिन परिवारों ने दशकों से इन क्षेत्रों में अपना जीवन बसाया है, उन्हें उजाड़ना अमानवीय है और सरकार को इस पूरे मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा। इंडिया गठबंधन ने साफ किया कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए वे सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेंगे
