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युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में खेलों का वातावरण विकसित करने, युवाओं एवं दिव्यांगजनों को खेलों के प्रति आकर्षित करने, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने, युवाओं को नशे से दूर रखते हुए नशामुक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को साकार करने तथा फिट इंडिया मूवमेंट को ग्राम पंचायत स्तर तक लागू करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी खेलकूद प्रतियोगिता “खेल महाकुम्भ” का आयोजन किया जा रहा है।
खेल महाकुम्भ के तहत न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकेंगे। प्रतियोगिता में ग्राम पंचायत, नगर निकाय, वार्डों के बालक-बालिकाएं, निजी व राजकीय शिक्षण संस्थानों, सीबीएसई/आईसीएसई/उत्तराखण्ड बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर, समाज कल्याण एवं जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों, सैनिक स्कूल, खेल संघ/अकादमी, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर सकेंगे।
न्याय पंचायत स्तर पर एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, मुर्गा झपट; विधानसभा स्तर पर वॉलीबॉल एवं पिठ्ठू; तथा संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखम्भ, रस्साकस्सी, गोली कंचा एवं फुटबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने हेतु विधानसभा स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी, संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा।
एक खिलाड़ी केवल एक खेल विधा एवं एक ही आयुवर्ग में प्रतिभाग कर सकेगा। अंडर-14 वर्ग हेतु 31.07.2025 को 10 वर्ष पूर्ण एवं 14 वर्ष से कम, अंडर-19 वर्ग हेतु 14 वर्ष पूर्ण एवं 19 वर्ष से कम आयु निर्धारित है, जबकि दिव्यांगजन ओपन वर्ग में ब्लाइंड, मूक-बधिर एवं आर्थो श्रेणियां शामिल हैं।
पुरस्कार स्वरूप न्याय पंचायत स्तर पर ₹300, ₹200 व ₹150; विधानसभा स्तर पर ₹500, ₹400 व ₹300; संसदीय क्षेत्र स्तर पर ₹800, ₹600 व ₹400; तथा राज्य स्तर पर ₹1500, ₹1000 व ₹700 के साथ मेडल, प्रमाण-पत्र एवं संबंधित चैम्पियनशिप ट्रॉफियां प्रदान की जाएंगी।
यह आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा निखारने और उत्तराखण्ड को एक स्वस्थ, सशक्त एवं खेल-संस्कृति से समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
