Gurmeet singh chandhok

झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिम से बहार आते हुए तीन हमलावरों ने विक्रम पर फायर झोंक दिया था। जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बता दें विक्रम मूल रूप से उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर का रहने वाला था। हालांकि उसके अपराधों की भूमि शुरू से ही झारखंड थी।
गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या (Vikram sharma murder)
राजधानी देहरादून में शुक्रवार सुबह राजपुर रोड़ में स्थित सिल्वर सिटी कंपलेक्स में शूटरों ने विक्रम शर्मा पर जिम से बाहर निकलते हुए फायरिंग कर दी। जो उसके सीधे सिर और सीने पर जाकर लगी। हमले में गैंगस्टर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक इस वारदात में तीन हमलावर शामिल थे। दो आरोपी मॉल के भीतर थे और तीसरा मॉल के बाहर बाइक पर दोनों के आने का इंतजार कर रहा था। गोली चलाने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए।
जमानत पर जेल से बाहर था
बता दें विक्रम शर्मा के खिलाफ 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से करीब 30 मामले हत्याओं के हैं। 2017 में रांची एसटीएफ ने विक्रम को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से ही वो जमानत में बाहर था। बताया जा रहा है मृतक के पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है। पुलिस ने हत्या के पीछे आपराधिक गिरोहों का आपसी झगड़ा या कोई पुरानी दुश्मनी होने की संभावना जताई है। पुलिस के मुताबिक विक्रम जमानत पर बाहर आया था।
माफिया डॉन अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु था विक्रम शर्मा
बता दें मूल रूप से विक्रम काशीपुर का रहने वाला था। उसके पिता अमित लाल जमशेदपुर में टाटा स्टील में कर्मचारी थे। जिसके चलते विक्रम भी झारखंड में पला बढ़ा। पिता जैसे ही रिटायर हुए वह जमशेदपुर से देहरादून चले आए। विक्रम शर्मा का छोटा भाई अरविंद शर्मा भी देहरादून में ही रहता है। कुख्यात विक्रम शर्मा जमशेदपुर में ही रहता था। वह झारखंड के दुमका की जेल में बंद माफिया डॉन अखिलेश सिंह का गुरु था।
ताइक्वांडो का शौकीन था विक्रम शर्मा
विक्रम ताइक्वांडो का शौकीन था। वह तत्कालीन बीएमपी ग्राउंड में बच्चों को ट्रेनिंग देता था। झारखंड का गैंगस्टर अखिलेश तब उसका छात्र हुआ करता था। विक्रम का छोटा भाई अरविंद शर्मा अखिलेश का दोस्त था, ऐसे में दोनों के बीच घरेलू संबंध भी थे। वर्ष 1999 में अखिलेश सिंह ने तेल कारोबारी ओम प्रकाश काबरा का अपहरण किया। तब पुलिस ने इस मामले में विक्रम सिंह के घर पर छापा मारा था। यह पहली बार था जब विक्रम का पुलिस से एक आरोपी के तौर पर सामना हुआ। यही उसका अपराध की दुनिया में पहला कदम भी था।
छह साल पहले जेल से हुआ था रिहा
विक्रम शर्मा ने जमशेदपुर में कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया था। हालांकि अधिकतर केसों में वह बरी हो चुका था। विक्रम को साल 2017 में जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून में गिरफ्तार किया था। उसे रांची के होटवार जेल में रखा गया था। हालांकि बाद में कई मामलों में उसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद उसे 30 जनवरी 2021 को रिहा कर दिया गया था।
श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे समेत कई को मारी थी गोली
गैंगस्टर विक्रम शर्मा ने 2 नवंबर 2007 को साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या कर दी थी। उसने 15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग की थी। इस अपराधी ने 20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर गोलियां चलाई थीं। उसने 25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेस के नेता नट्टू झा के दफ्तर पर फायरिंग की थी।
विक्रम शर्मा ने 17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में फायरिंग की थी। इसी माह उसने साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर भी गोली चलाई थी। 17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग की थी। 4 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या की थी। इसी साल उसने बिष्टुपुर के कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या कर मौत के घाट उतारा था
