
65 फिट ऊंचे पुतले का दहन कर प्राचीन श्री रामलीला मैदान में मनाया दशहरा
दशमी दिवस युद्धअति भारी कीन्हेउ रावणसे असुरारी “
Gurmeet singh chandhok
हल्द्वानी -: प्राचीन श्री रामलीला मंचन में व्यास जी ने बताया की दशमी वाले दिन भगवान श्री राम और रावण के बीच घोर युद्ध हुआ ।
और श्रीराम जी रावण का वध करने का कोई उपाय नहीं मिल रहा था बार बार दसों सिर कटने के बाद भी वह जीवित हो जाता था तब रावण के छोटे भाई, विभीषण, जो श्रीराम जी की शरण में थे, उन्होंने श्रीराम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत है और उसे नष्ट करके ही रावण को मारा जा सकता है। इस प्रकार भगवान श्री राम ने दिव्य वाण चलाया और युद्द में रावण का वध हुआ . रामलीला मैदान में अपार जनसमूह खुशी से झूम उठा और जय श्री राम के उद्घोष से माहौल भक्तिमय हो गया, 65 फिट ऊंचे पुतले का दहन भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी ने किया. आतिशबाजी का भी भव्य प्रदर्शन हुआ.
आज व्यास पूजन रामलीला समिति सदस्य रिसीवर गोपाल चौहान, बंशीधर भगत, भवानी शंकर नीरज, मीना गुप्ता, विवेक कश्यप , विजय अग्रवाल, तनुज गुप्ता,योगेश शर्मा, बसंत अग्रवाल, प्रदीप जनोंटी, दिनेश गुप्ता ने किया ।
मुख्य अतिथि माननीय सांसद उधम सिंह नगर नैनीताल लोकसभा क्षेत्र अजय भट्ट जी विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत जी, महापौर गजराज बिष्ट, विधायक लालकुआं , भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, उप जिलाधिकारी राहुल साह ,प्रदेश सह कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रदीप बिष्ट,जिला महामंत्री विनीत अग्रवाल तथा ललित जोशी, गोविंद बगड़बाल रहे समिति के रिसीवर तथा सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान , वेद प्रकाश अग्रवाल, एन. बी. गुणबंत, विजय भट्ट, भोलानाथ केसरवानी तथा अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों का अंग वस्त्र पहना कर स्वागत किया. महापौर गजराज बिष्ट ने कहा उत्तराखंड की परम्परा है अतिथि देवो भव, पर अब इसका स्वरूप बदल गया है अब अतिथि के रूपमें आने वाले दुष्टों को पहचानने की आवश्यकता है, हमें जागरुक होने की आवश्यकता है .
रामलीला में वैश्य महिला समिति तथा युवा वैश्य सभा के साथ कई संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली.
