दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
लालकुआं (नैनीताल)। पहाड़ से इलाज के लिए आई 82 वर्षीय बीमार मां उस वक्त ट्रेन में अकेली छूट गई, जब पहली बार रेल यात्रा कर रहे दो भाई हड़बड़ाहट में अलग-अलग स्टेशनों पर उतर गए। परिवार की सांसें उस समय अटक गईं, जब पता चला कि वृद्ध मां ट्रेन में ही रह गई हैं। हालांकि जीआरपी पुलिस की मुस्तैदी से बदायूं रेलवे स्टेशन पर उन्हें सकुशल उतार लिया गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया प्राप्त जानकारी के अनुसार बिंदुखत्ता के गांधीनगर निवासी दरबान सिंह अपने भाई कृपाल सिंह के साथ अपनी 82 वर्षीय बीमार मां भवानी देवी को भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल में उपचार के लिए ले जा रहे थे। नगला रेलवे स्टेशन पर लालकुआं से कासगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रुकते ही दोनों भाइयों ने पहले मां को डिब्बे में बैठाया। इसके बाद दरबान सिंह टिकट लेने नीचे उतर गए।इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। मां के साथ बैठे कृपाल सिंह बड़े भाई को देखने के लिए घबराकर नीचे उतर गए, लेकिन ट्रेन रफ्तार पकड़ने लगी तो वह किसी तरह अंतिम डिब्बे में चढ़ गए। उधर टिकट लेकर लौटे दरबान सिंह ट्रेन में नहीं चढ़ सके और ट्रेन छूट गई। आगे भोजीपुरा स्टेशन पहुंचकर कृपाल सिंह भी उतर गए, जबकि उनकी मां ट्रेन में ही बैठी रह गईं।मोबाइल पर दोनों भाइयों की बातचीत के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। दरबान सिंह तुरंत लालकुआं जीआरपी चौकी पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। जीआरपी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कासगंज रूट के सभी संबंधित स्टेशनों को अलर्ट किया। इसके बाद बदायूं रेलवे स्टेशन पर 82 वर्षीय भवानी देवी को सुरक्षित उतार लिया गया।जीआरपी पुलिस ने वृद्धा को लालकुआं लाकर परिजनों के सुपुर्द किया। मां को सकुशल पाकर पूरे परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया जीआरपी चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि दोनों भाई पहली बार ट्रेन में सफर कर रहे थे, जिसके कारण घबराहट में यह स्थिति बनी। समय रहते सूचना मिल जाने से वृद्ध महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
