Gurmeet singh chandhok

हल्द्वानी – बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में इसी माह फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। 23 फरवरी से ही बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। 24 फ़रवरी को सुनवाई की तिथि नियत है। पुलिस के अनुसार क्षेत्र के 31 हिस्ट्रीशीटरों की परेड कराई जाएगी। साथ ही बनभूलपुरा कांड में छूटे लोगों और बीते एक वर्ष में मारपीट, बलवा सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज आरोपियों को चिह्नित कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
31 हेक्टेयर भूमि पर 4365 मकानों का मामला –
रेलवे द्वारा रेल सेवा विस्तार के लिए 31 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई गई है। विभाग के अनुसार उक्त भूमि पर करीब 4365 मकान अतिक्रमण की श्रेणी में आते हैं। इसी मामले को लेकर शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है। इससे पहले 10 और 16 दिसंबर को भी सुनवाई प्रस्तावित थी, जिसे आगे बढ़ा दिया गया था।
पीस कमेटी बैठक, फ्लैग मार्च नहीं –
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि रमजान से पूर्व आयोजित पीस कमेटी की बैठक में क्षेत्र के धर्मगुरुओं से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार क्षेत्र में फ्लैग मार्च नहीं निकाला जाएगा, लेकिन सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम रहेंगे। बनभूलपुरा कांड में रिहा हुए लोगों का सत्यापन भी किया जाएगा।
पूरे शहर में रात 11 बजे के बाद दुकानें बंद –
सुरक्षा व्यवस्था के तहत केवल बनभूलपुरा ही नहीं, बल्कि पूरे हल्द्वानी शहर में रात 11 बजे के बाद दुकानें, मेडिकल स्टोर, चाय की दुकानें और पान खोखे बंद कराए जाएंगे। रात 11 बजे के बाद अनावश्यक रूप से घूमने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि देर रात असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
