




रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। जिसमें चालू वित्तीय वर्ष की आय व्यय के विवरण पर चर्चा के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावों के पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए अनिवार्य रूप से जेनेरिक दवाइयां एवं जन औषधि केंद्र की दवाइयां ही लिखी जाएं तथा बाहर से महंगी दवाइयां न लिखी जाएं, जिससे मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक भार न पड़े। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को अस्पताल की कैंटीन में पौष्टिक एवं भारतीय भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही गर्मियों में अस्पताल में भीड़ के कारण होने वाली घुटन एवं अव्यवस्था को दूर करने हेतु आर्किटेक्ट की सहायता से उचित स्थानों पर एग्जॉस्ट फैन लगाने सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने तथा स्पष्ट साइनेज लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल के तृतीय तल पर निर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने और बिजली व्यय में कमी लाने के लिए सोलर पैनल स्थापित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि बिना अनुमति ब्लीचिंग एवं अन्य सामग्री के उपयोग पर संबंधित ठेकेदार से वसूली की जाए तथा उसे चेतावनी जारी की जाए। अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित, नियमानुसार निस्तारण एवं परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 तपन शर्मा ने चिकित्सा प्रबंधन समिति के समक्ष आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक्स रे, सी टी स्कैन,अल्ट्रा साउंड फिल्म आपूर्ति,संविदा कर्मियों पर व्यय, लेखन सामग्री, कार्यालय व्यय, उपकरण, भोजन व्यय, औषधि व रसायन एवं अन्य कार्यो हेतु बजट परिव्यय समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु रखा।
बैठक में विधायक पार्वती दास, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुमार आदित्य तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
