Gurmeet singh chandhok
रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.02 दर्ज की गई। झटकों के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप सुबह 5:13:17 बजे आया। इसका केंद्र रुद्रप्रयाग से करीब 10 किलोमीटर पूर्व में स्थित था और गहराई लगभग 15 किलोमीटर दर्ज की गई। झटके करीब 10 से 15 सेकंड तक महसूस किए गए। फिलहाल किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के भीतर कई टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार गतिशील रहती हैं। जहां ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, उस क्षेत्र को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। बार-बार टकराव से प्लेट्स में दबाव बढ़ता है और जब यह दबाव अचानक रिलीज होता है, तो ऊर्जा बाहर निकलती है इसी से भूकंप आता है।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या होती है?
भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर) वह स्थान होता है, जिसके ठीक नीचे पृथ्वी के भीतर ऊर्जा निकलती है। इसी जगह पर कंपन सबसे ज्यादा महसूस होता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, झटकों का असर कम होता जाता है। हालांकि, अगर तीव्रता 7 या उससे अधिक हो, तो 40 किलोमीटर के दायरे में तेज असर पड़ सकता है।
कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है, जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल भी कहा जाता है। इस पैमाने पर 1 से 9 तक के स्तर होते हैं। भूकंप के दौरान निकलने वाली ऊर्जा के आधार पर इसकी तीव्रता तय की जाती है, जिससे उसके प्रभाव और नुकसान का अनुमान लगाया जाता है।
वहीं आज महाराष्ट्र के परभणी, नांदेड़, हिंगोली, वाशिम और यवतमाल में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। कुछ ऐसे इलाकों में जहां भूकंप की तीव्रता अधिक थी, घरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं, और छतों पर लगी चादरों के अपनी जगह से खिसकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन हल्के झटकों के अचानक आने से नागरिकों के बीच डर का माहौल बन गया है; शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये झटके सुबह लगभग 8:46 बजे महसूस किए गए थे।
