
ईरान-अमेरिका-इजरायल(Israel-Iran War) के बीच युद्ध अभी भी जारी है। इसी के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है। जिससे LPG और नेचुरल गैस की सप्लाई पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। बात करें भारत की तो नेचुरल गैस की अलोकेशन के लिए पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने भी क्लियर प्रायोरिटी लिस्ट जारी (gas distribution priority list) कर दी है। मतलब अगर गैम की कमी हुई तो सबसे पहले किस सेक्टर को गैस मिलेगी और कितनी मिलेगी। ये चीज अब तय हो गई है।
देश में कम हो रही गैस की सप्लाई! Israel-Iran War Gas Distribution Priority List
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है। इसी का असर है ग्लोबल लेबल पर क्रूड ऑयल की कीमतें पर भी पड़ रहा है। इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। भारत के बड़े शहरों में भी कुकिंग गैस या LPG के कमर्शियल यूजर्स और सिरेमिक आदी इंडस्ट्री को अब गैस की कमी सताने लगी है।
किल्लत होने पर सबसे पहले किसे मिलेगा सिलेंडर?
ऐसे में सरकार ने कहा है कि जरूरी सेक्टर्स और घरेलू यूजर्स के लिए गैस की कोई भी कमी नहीं होने दी जाएगी। इनके लिए 100% सप्लाई दी जाएगी। यानी कि इधर किसी भी प्रकार की कटौती नहीं होगी। इनमें:-
- घरों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस जो सीधे पाइप से घरों में आती है।
- CNG गाड़ियों, ऑटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस।
- LPG गैस, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर
- गैस को ट्रांसपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस।
सरकार इन सेक्टर्स को प्रायोरिटी देगी। ये आग लोगों की रोजमर्रा से जुड़ी चीजें है। घरेलू PNG और CNG को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। जिससे लोगों को खाना और गाड़ी चलाने में दिक्कत ना हो।
किन सेक्टर्स में गैस की कटौती देखी जाएगी?
किल्लत होने पर सबसे सरकार इंडस्ट्री से जुड़े सेक्टरों के हिस्से में आने वाली गैस में कटौती करेगी।
इनको पहले के आधार से थोड़ी कम गैस मिलेगी। जिसका मतलब है कि किसी कंपनी ने बीते कुछ महीनों में जितनी भी गैस की खपत की होगी, उसे उसका कुछ ही प्रतिशत दिया जाएगा।
- चाय उद्योग और दूसरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: बीते छह महीने की औसत खपत का सिर्फ 80%.
- फर्टिलाइजर (खाद) कंपनियां: 70% अलोकेशन.
- तेल रिफाइनरीज: 65% अलोकेशन.
बड़े शहरों में होटल धीरे-धीरे बंद कर दिए जाएंगे!
आपको बता दें कि होटल एसोसिएशन पहले ही घोषणा कर चुका है कि कमर्शियल गैस अगर नहीं मिलती है तो बेंगलुरु आदि बड़े शहरों में होटल धीरे-धीरे बंद कर दिए जाएंगे। सरकार का फोकस आम लोगों पर है। जिसकी वजह से घरेलू और बेहद जरूरी सेक्टर को गैस के लिए प्राथमिकता दी गई है।
क्यों सरकार ने गैस डिस्ट्रिब्यूशन में कटौती का फैसला लिया?
आपको बता दें कि भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है। जो कि ज्यादातर मिडिल ईस्ट से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ही आता है। इंपोर्ट युद्ध के चलते रुक गया है। जिसका असर कमर्शियल LPG यानी होटल, रेस्टोरेंट में देखने को मिला है।
घरेलू LPG बची रहे इसके लिए रिफाइनरीज को ज्यादा प्रोजक्शन करने को कहा गया है। साथ ही अब सिलेंडर की बुकिंग की अवधी को भी 21 से 25 दिन कर दिया गया है। जिससे स्टॉक बचा रह सके
