
अमेरिका द्वारा किये गए हमले के बाद ईरान देश पर किये अटैक के दौरान हुई ख़ामेनई की मौत के बाद मंगलौर के मोहल्ला पठानपुरा के बड़े इमामबाड़ा में हज़ारों लोगों ने अमेरिका के खिलाफ प्रोटेस्ट किया। जिसमें महिलाएं भी बड़ी शंख्या में शामिल थी।
खामेनेई की मौत पर हरिद्वार में प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका को तानाशाह बताते हुए कहा कि जब 1400 साल पहले यज़ीद की तानाशाही नही चली तो आज भी अमेरिका की तानाशाही नही चल पाएगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह हिंदुस्तानी हकूमत से इल्तिजा करते हैं कि हमारे देश मे चेन ओ अमन क़ायम रखने का काम किया जाए। शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मरे नहीं हैं, बल्कि जब तक दुनिया रहेगी, वे सभी के दिलों में ज़िंदा रहेंगे क्योंकि वे मरे नहीं हैं बल्कि शहीद हुए हैं।

इजरायल और अमेरिका के जॉइंट ऑपरेशन में खामेनेई की मौत
इजरायल और अमेरिका के जॉइंट ऑपरेशन में शनिवार सुबह ईरान पर हमला हुआ। जानकारी के अनुसार सुप्रीम कमांडर खामेनेई उस दौरान अपने ऑफिस में थे। नेतन्याहू को पता था कि खामेनेई कहां हैं, इसलिए उनके घर ऑफिस और ईरान के राष्ट्रपति भवन के पास हमला किया गया। हमला हुआ, तब खामेनेई अपने घर में बने ऑफिस में बैठे हुए थे, तभी मिसाइल आकर गिरी और इस हमले में ही खामेनेई की मौत हो गई
