Gurmeet singh chandhok

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में लोकभवन कूच (Congress’s Lok Bhavan march) किया। इस दौरान 15 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्तओं का हुजूम सड़कों पर उतर गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की तीखी-नोंक झोंक भी हुई।
उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में लोकभवन कूच किया। हालांकि पुलिस ने हाथीबड़कला पर ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बताया जा रहा है 15 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्तओं की भीड़ सड़क पर मौजूद थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की तीखी-नोंक झोंक भी हुई।
विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस (Uttarakhand congress) ने देहरादून के परेड ग्राउंड से हुंकार भरते हुए शक्ति प्रदर्शन का संदेश दिया। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ताओं ने राजभवन कूच किय। बता दें विपक्ष का ये प्रदर्शन सरकार के खिलाफ प्रदेश में बढ़ते अपराध, महिला उत्पीड़न, बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अंकिता भंडारी केस और जंगली जानवरों के आतंक जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर था।
पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं की तीखी नोंक-झोंक भी देखने को मिली। कांग्रेस ने पुलिस बल पर लाठी चार्ज (Dehradun Police Lathicharge) करने का भी आरोप लगाया है। जिसमें एक कार्यकर्ता घायल हो गया है। बताया जा रहा है कार्यकर्ता के सिर पर चोट आई है।
ये है विपक्ष की मांगें
बता दें कांग्रेस ने पुलिस से मांग की है कि सभी संवेदनशील और अपराध-प्रवण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अलावा संगठित अपराध और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने हर गंभीर आपराधिक घटना की समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने की भी पुलिस से मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि पुलिस प्रशासन जवाबदेही तय कर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करे।
कांग्रेस का कहना है कि राजधानी देहरादून में बीते दिनों दिनदहाड़े हुई हत्याओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण है, जबकि अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पिछले 15 दिनों में राजधानी समेत विभिन्न जिलों में पांच जघन्य हत्याएं हुई है। लेकिन अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
