






रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
लोहाघाट की नगरपालिका परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक प्रेरणादायक और नवाचारी पहल की गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार जनपद में सतत विकास और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुपयोगी वेस्ट टायरों को रचनात्मक रूप से पुनः उपयोग में लाया गया है।
नगरपालिका परिषद ने बेकार पड़े टायरों को आकर्षक और उपयोगी वस्तुओं में बदलकर उन्हें नया जीवन दिया है। इन टायरों से तैयार किए गए क्रिएटिव स्टूल, बच्चों के खेल–खिलौने, तथा रंग-बिरंगी कार्टून आकृतियां न केवल सौंदर्यवर्धन कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों को अधिक जीवंत, सुरक्षित और बाल–मित्र भी बना रही हैं।
अधिशासी अधिकारी सौरभ नेगी ने बताया इस पहल को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया, अनुपयोगी टायर, जो सामान्यतः कचरे के रूप में पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनते हैं, उन्हें साफ कर, रंगाई-पुताई कर तथा कलात्मक रूप देकर उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया गया। इस प्रक्रिया में स्थानीय कर्मचारियों के साथ-साथ रचनात्मक सोच रखने वाले युवाओं की भी सहभागिता रही, जिससे यह पहल सामुदायिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
इन आकर्षक संरचनाओं को पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और बच्चों के खेलने के स्थानों पर स्थापित किया गया है। कार्टून आकृतियों और रंगीन डिज़ाइनों से सुसज्जित ये संरचनाएं बच्चों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं। इससे बच्चे खेल–कूद की गतिविधियों में अधिक रुचि ले रहे हैं, वहीं अभिभावकों के बीच भी स्वच्छता और पुनर्चक्रण को लेकर सकारात्मक संदेश जा रहा है।
नगरपालिका परिषद लोहाघाट की यह पहल इस बात का सशक्त संदेश देती है कि यदि सोच सकारात्मक हो और संसाधनों का सही उपयोग किया जाए, तो कचरा भी समाज के लिए उपयोगी संपत्ति बन सकता है। यह छोटा लेकिन अत्यंत सार्थक कदम आने वाले समय में स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण–अनुकूल जनपद के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
