दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
रुद्रपुर/खटीमा। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर की देवभूमि धर्मशाला कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक बंद मकान के भीतर 65 वर्षीय महिला का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। मृतका की पहचान जानकी चंद (65), पत्नी स्व. हरीश चंद के रूप में हुई है। वह अपने दो मंजिला मकान में अकेली रहती थीं।
लगातार बजती रही घंटी, नहीं उठा फोन
परिजनों के अनुसार, शाम के समय जब महिला के बेटे जो सेना में पंजाब में तैनात हैं और उनकी बेटियों ने मां को फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। कई बार प्रयास करने के बावजूद जब फोन नहीं उठा तो चिंता बढ़ गई। परिजनों ने पड़ोसियों से संपर्क कर घर जाकर देखने को कहा।
अंदर से बंद मिला घर, तोड़ा गया ताला
जब पड़ोसी घर पहुंचे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इसके बाद डिग्री कॉलेज रोड स्थित एक रिश्तेदार को सूचना दी गई। रात करीब साढ़े 11 बजे रिश्तेदार कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। दो मंजिला मकान की ऊपरी तरफ से प्रवेश कर चैनल गेट का ताला तोड़ा गया। अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए-कमरे में खून फैला हुआ था और बीच में जानकी चंद का शव पड़ा था। तत्काल 112 पर सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, हर एंगल से जांच
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कोतवाल विजेंद्र शाह के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में घर के भीतर किसी प्रकार की तोड़फोड़ या सामान बिखरा हुआ नहीं मिला। मकान अंदर से बंद था, जिससे मामला और भी रहस्यमयी हो गया है।
कोतवाल ने बताया कि जहां शव मिला है, वहां एक ड्रम के नीचे लगी लकड़ी का कोना टूटा हुआ दिखाई दे रहा है। आशंका जताई जा रही है कि संभवतः महिला का पैर फिसला हो और सिर में गंभीर चोट लगने से खून बहा हो। हालांकि पुलिस ने हत्या की संभावना को भी खारिज नहीं किया है।
फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि का पता चल सके।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
