
उत्तराखंड एसटीएफ (STF) साइबर क्राइम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले से साइबर ठगी गिरोह के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहा था।
कश्मीर से अरेस्ट हुए डिजिटल अरेस्ट गैंग के दो शातिर
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार देहरादून के 71 साल के बुजुर्ग से 65 लाख रुपए की ठगी के मामले की जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपियों ने खुद को टेलिकॉम विभाग, दिल्ली पुलिस और CBI अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और फर्जी वारंट दिखाकर रकम अलग-अलग बैंक खतों में ट्रांसफर करवा ली। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी बन खातों में सिम कार्ड और एटीएम के जरिए देशभर में ठगी कर रहे थे। इन खातों के खिलाफ उत्तराखंड समेत 7 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में बिगड़ा माहौल
एसटीएफ टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बड़गाम निवासी शौकत हुसैन मालिक और बिलाल अहमद को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय स्टार पर विरोध और दबाव की स्थिति भी बनी, लेकिन पुलिस टीम ने संयम रखते हुए कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की और आरोपियों की रिमांड भी हासिल की। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड और पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में खातों में लाखों के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई है।
SSP ने जनता से की ये अपील
एसएसपी अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट एक स्कैम है जो वर्तमान में पूरे भारत में चल रहा है, कोई भी CBI अफसर, मुम्बई क्राईम ब्रान्च, साइबर क्राइम, IT या ED अफसर या कोई भी एजेंसी आपको व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने के लिए नोटिस नहीं देती है। एसएसपी ने कहा अगर कोई व्यक्ति आपको फर्जी दस्तावेज, अवैध सामग्री के नाम पर आपको डरा धमका रहा है या पैसों की मांग कर रहा है तो इस सम्बन्ध में STF या साइबर थानों में जल्द से जल्द अपनी शिकायत दर्ज करायें।
