
एक बार फिर नीले ड्रम की वारदात से पूरा देश दहल गया है। इस बार ये मामला लखनऊ से सामने आया है। यहां पर एक 21 साल के इकलौटे बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। ना सिर्फ हत्या बल्कि शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया।
पिता का सिर काटकर कार में 21 किलोमीटर दूर फेंक आया। बहन ने पिता के शव के टुकड़े होते हुए देखे भी। आरोपी बेटे ने अपनी बहन को भी किसी को कुछ बताने पर जान से मार देने की धमकी दी। जिससे डरकर बहन ने किसी को कुछ नहीं बताया।
नीले ड्रम में एक और शव!, पिता की हत्याकर किए कई टुकड़े
दरअसल ये पूरी वारदात आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है।वो पैथोलॉजी लैब के मालिक था। साथ ही शराब का कारोबार भी करते थे। पिता का सिर फेंकने के बाद बेटे अक्षत ने कार की सफाई भी की।

खुद ही लिखवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट
हत्या करने के तीन दिन बाद आरोपी नें थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस की पूछताछ पर बेटा धबराया हुआ दिखाई दिया। जब उससे सख्ती से पूछा गया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में जो उसने बताया उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।

सिर को 21 किलोमीटर दूर फेंक दिया
पुलिस ने देर रात उस नीला ड्रम को बाहर निकाला। जिसमें आरोपी ने अपने पिता को काटकर रखा था। ड्रम में पन्नी के अंदर मानवेंद्र सिंह का धड़ पैक मिला। पुलिस ने घर में रखे नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद किए। कई अंग अभी नहीं मिले है। आरोपी की निशानदेही पर उन्हें खोजा जाएगा।
क्यों की पिता की हत्या?
आरोपी ने बताया कि उसके पिता उसे NEET क्वालीफाई करके MBBS करवाना चाहते थे। हालांकि बेटा MBBS नहीं करना चाहता था। वो चाहता था कि पैथोलॉजी लैब की जगह लॉन या रेस्टोरेंट खोला जाए। जिससे बिजनेस अच्छा चलेगा। इसी बात को लेकर 20 फरवरी को उसकी पिता से बहस हुई। गुस्से में उसने अपने ही पिता की लाइसेंसी राइफल से उनपर गोली चला दी।

21 साल का बीकॉम का छात्र है आरोपी
हत्या की सूचना के बाद मानवेंद्र के परिवार से भी लोग पहुंचे। बता दें कि आरोपी बीकॉम का छात्र है। मां का नौ साल पहले ही निधन हो गया था। पिता ने ही बेटे अक्षत (21)और बेटी कृति (17) की देखभाल की।

तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर तक लेकर गया शव
आरोपी बेटे ने पिता की हत्या के बाद ने शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। वो पिता की लाश को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर एक खाली कमरे में लेकर आया। जिसके बाद उसने बाजार से आरी खरीदी। शव के कई टुकड़े किए। सिर और बाकी कुछ टुकड़ों को वो दूर सदरौना गांव में फेक कर आ गया। बाकी हिस्सों को उसने पॉलीथिन में पैक किया और नीले ड्रम में भर दिया
