
आज यानी आठ सितंबर मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के वडोदरा पहुंच गए हैं। जहां पहुंचकर उन्होंने यहां गुजरात और मध्य प्रदेश से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जेन-जी से संवाद भी किया। करीब छह हजार युवाओं को कार्यक्रम में बुलाया गया। ऐसे मं कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विपक्ष पर फूफाजी कहकर निशाना साधा।
विकसित भारत की यात्रा को गति देने आया हूं
जेन-जी से संवाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज मैं विकसित भारत की यात्रा को गति देने के लिए यहां आया हूं. इस विकास पर्व पर आप सभी ने जिस सेवा भाव से स्वच्छता का कार्य किया से सीना चौड़ा हो गया है. हर परिवार पर स्वच्छता का गहरा असर पड़ा है. लाल किले से मैनें संकल्प की सप्त धारा का आह्वान किया है जिसमें गति शक्ति भी अहम है”
विपक्ष पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ठबीते बारह सालों में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है. इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था. इन नौजवानों में से कई लोगों का जन्म भी नहीं हुआ होगा. 2006 में एक विशेष कंपनी बनाई गई काम करने के लिए, फिर 2014 तक फाइलें यहां से वहां होती रहीं।
दुर्भाग्य देखिए, इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ. फाइल अटकती, लटकती और भटकती थी. 2014 में लोगों ने मुझे गुजरात से निकालकर दिल्ली भेज दिया. नौजवान सुन लीजिए, 7-8 सालों में एक किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर काम नहीं हो पाया था.
उनके हिसाब से देश चलाते तो आपके बाद भी तीन चार पीढ़ियां आतीं और काम नहीं हो पाता. भारत की लॉजिस्टिक प्रणाली को ट्रांस्फॉर्म करने वाली परियोजना की ये हालत थी. 2014 के बाद इस धरती ने मुझे जो सिखाया था, आपके पास से जो सीख लेकर मैं दिल्ली पहुंचा था. हमने वहां पहुंचते ही इसे गति देने का काम प्रारंभ कर दिया.”
विपक्ष को कहा फूफा
आगे कहा, ”अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा. ट्रक कहां जाएंगे? अब फूफा जी को काम मिल गया. यानी अब बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक कोने से दूसरे कोने से पहुंच पाएगा. फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी. गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, यहां जो आदिवासी क्षेत्र हैं, वे भी इस परियोजना के द्वारा रेल से जुड़ रहे हैं. पहले की सरकार में बजट में 1-2 ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसके भी साल भर ढोल पीटे जाते थे जबकि आज देश में साल भर एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं. आज भी इस कार्यक्रम में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं…”
बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति बदली
आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं. आज 2800 किलोमीटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया. ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है. ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है.”
50 हजार आधुनिक रेल कोच बने
उन्होंने कहा कि, 2014 के बाद भारत ने अब तक 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए हैं. पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार टॉयलेट नहीं बनवा सकती थी. मैंने देश के सामने विकसित भारत की जिन सप्त धाराओं का विजन रखा है, उसमें एक धारा मैन्युफैक्चरिंग की भी है और वडोदरा शहर इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है. शिक्षा, कौशल और इंडस्ट्री का कोलैब कैसे होता है, वडोदरा 150 सालों से इसका प्रतिबिंब है. अब तो ये शहर देश के पहले ‘मेड इन इंडिया’ मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भी जाना जा रहा है. C-295 की पहली फ्लाइट यहां का आसमान देख चुका है. मैं वडोदरा के लोगों को ये गौरव पाने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.”
राहुल गांधी पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने बिना राहुल गांधी का नाम लिए कहा, “झूठ की गूंज से भरमाने वाले तो हर चौराहे पर मिल जाएंगे लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है. सच की हुंकार के साथ चलता है. सच की हुंकार के लिए चलता है. युवा साथी देख रहे हैं सारे सेक्टर पर सरकार कितना फोकस से काम कर रही है. आने वाले दौर में हर आधुनिक सेक्टर बिजली से ही चलेगा, इलेक्ट्रिक इको सिस्टम पर निर्भर होगा
