Gurmeet singh chandhok
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 7 सितंबर को सुबह के शुरुआती कारोबार में ही सोना और चांदी के भाव बुरी तरह लुढ़क गए। भारतीय सर्राफा बाजार में इस भारी गिरावट की मुख्य वजह घरेलू बाजार में कमजोर स्पॉट डिमांड यानी तत्काल मांग में आई कमी और सुस्त वैश्विक संकेत हैं। इसके अलावा, अमेरिका से आए मजबूत रोजगार के आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं को एक बार फिर हवा दे दी है, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव साफ नजर आ रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के भाव लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ खुले। पिछले दो कारोबारी सत्रों की बात करें तो सोना ₹3,600 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹6,000 प्रति किलो तक टूट चुकी है। आज के ताजा भावों पर नजर डालें तो सोना (अक्टूबर 2026 डिलीवरी) ₹500 गिरकर ₹1,52,244 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। वहीं दूसरी ओर, चांदी (सितंबर 2026 डिलीवरी) ₹1,235 की बड़ी गिरावट के साथ ₹2,36,423 प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।
क्यों आई सोने-चांदी के दामों में यह गिरावट?
शुक्रवार को जारी हुए नए आर्थिक आंकड़ों के बाद से ही सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में रोजगार वृद्धि में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जबकि अगस्त महीने में बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर बनी रही। इससे अमेरिकी श्रम बाजार में तेजी से सुधार के संकेत मिले हैं, जिससे अगले हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं को काफी बल मिला है।
एलपीएल फाइनेंशियल के मुख्य अर्थशास्त्री जेफरी रोच ने इस स्थिति पर कहा, “अगस्त में रोजगार के आंकड़ों में 1,62,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि जुलाई के आंकड़ों में भी 21,000 का ऊपरी संशोधन किया गया है। यह नई रिपोर्ट शायद FOMC के कुछ और वोटिंग सदस्यों को दर बढ़ोतरी के पक्ष में फैसला लेने के लिए प्रेरित करेगी। अगस्त की मजबूत पेरोल रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए FOMC पर 16 सितंबर को ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव काफी बढ़ रहा है। अगर नीति निर्माता कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो बाजार में और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती है।”
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर और जानकारों की राय
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने बाजार की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा, “एमसीएक्स पर सोने की कमजोरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ पूरी तरह तालमेल रखती है, जहां ग्लोबल गोल्ड अमेरिकी पेरोल डेटा उम्मीद से बेहतर आने के बाद $4,400 के करीब संघर्ष करता दिख रहा है। अगस्त में पेरोल्स में लगभग 55,000 की उम्मीद के मुकाबले 1,62,000 की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जिससे सितंबर में दर बढ़ोतरी की आशंका लगभग 60% तक पहुंच गई है।”
उन्होंने आगे बताया, “अमेरिका में बढ़ते ट्रेजरी यील्ड और फिर से मजबूत होता अमेरिकी डॉलर सोने की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल के ऊंचे दाम महंगाई के जोखिम को लगातार बनाए हुए हैं। इस हफ्ते अमेरिकी पीपीआई (PPI) और सीपीआई (CPI) के आंकड़े जारी होने वाले हैं, जो यह तय करने के लिए बेहद अहम होंगे कि दर बढ़ोतरी की उम्मीदें और मजबूत होंगी या सोने को एक और बड़ा झटका लगेगा।”
अमेरिका-ईरान-इजराइल तनाव का असर
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद अभी थमा नहीं है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के उस दावे को ‘पूरी तरह झूठा’ बताते हुए खारिज कर दिया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी अमेरिकी ड्रोन शिप को निशाना बनाया है। दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तीखा बयान देते हुए कहा कि ईरानी सरकार अपनी सत्ता बचाने के लिए संघर्ष कर रही है और उसका पतन अब बेहद करीब है।
