Gurmeet singh chandhok
देहरादून। प्रदेश में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने और पर्यटन इकाइयों के पंजीकरण एवं नवीनीकण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी व समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
इस कड़ी में पर्यटन सचिव एवं उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज गर्ब्याल ने सभी जिला पर्यटन विकास अधिकारियों को उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली के तहत पंजीकरण व नवीनीकरण से संबंधित प्रकरणों को शीघ्रता से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
180 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत होम स्टे, होटल, रिसार्ट, हेल्थ स्पा, गेस्ट हाउस, आश्रम, धर्मशाला, बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों के साथ ही ट्रेवल एजेंसी, टूर आपरेटर, साहसिक पर्यटन और मनोरंजन से जुड़ी इकाइयों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरलीकृत की गई है। अपंजीकृत अथवा जिन इकाइयों का पूर्व पंजीकरण समाप्त हो चुका है, उन्हें नियमावली जारी होने की तिथि से 180 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा।
वहीं, पांच वर्ष पूरे कर चुकी पंजीकृत इकाइयों और दो वर्ष पूरे कर चुके होमस्टे को 90 दिनों के भीतर नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। आनलाइन प्रोविजनल प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था भी सरल की गई है। आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्रमाण-पत्र आनलाइन स्वत: जनरेट हो सकेगा।
अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि होमस्टे संचालकों को जीएसटी की अनिवार्यता से भी छूट दी गई है। इसके लिए 100 रुपये के नोटरीकृत स्टांप पर शपथ-पत्र देना होगा। उन्होंने कहा कि पंजीकरण व नवीनीकरण के लिए आवेदन विभागीय वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन किए जा सकते हैं।
