
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में प्रदेश की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा। इस दौरान सीएम ने परियोजनाओं के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए।
CM ने 15 दिन में मांगी प्रगति रिपोर्ट
मुख्यमंत्री धामी ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिन के भीतर रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इन परियोजनाओं की प्रगति की पुनः समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलम्ब स्वीकार्य नहीं होगा और निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए।
DM को दिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें और कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि, वन भूमि हस्तांतरण, विभागीय स्वीकृतियों अथवा अन्य स्तर पर जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है रोपवे कनेक्टिविटी: CM
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आवागमन सुगम होने के साथ सड़क मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। रोपवे परियोजनाओं से पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
