Gurmeet singh chandhok

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हल्द्वानी। चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सचिव विनयशंकर पांडे ने सोमवार को डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय का विस्तृत निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, मरीजों को दिए जा रहे उपचार तथा विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों की ओपीडी, वार्ड, आईसीयू, एसएनसीयू सहित अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मरीजों से बातचीत कर उपचार एवं सुविधाओं के संबंध में उनका फीडबैक भी प्राप्त किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने सर्जरी, यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग, अर्जुन नेत्र कोष तथा बाल रोग विभाग की ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या, उनके पंजीकरण तथा रजिस्टर में मरीजों की प्रविष्टियों की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मचारियों से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा अस्पताल में आने वाले मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
सचिव ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे उपचार, दवाओं की उपलब्धता तथा अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों की बीमारी, उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति तथा उपचार की प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली।
इसके अलावा सचिव ने आईसीयू एवं एसएनसीयू का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन महत्वपूर्ण चिकित्सा इकाइयों में उपलब्ध व्यवस्थाओं, चिकित्सकीय सेवाओं तथा मरीजों की देखभाल की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि गंभीर मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं एवं सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सचिव विनयशंकर पांडे ने कहा कि डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है और यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी को दूर कर मरीजों को हृदय संबंधी रोगों के उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सचिव ने कहा कि चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशलिटी चिकित्सकों के लिए पांच लाख रुपये तक का वेतन निर्धारित किया गया है, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रदेश में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से शीघ्र ही अस्पताल में स्पेशलिटी एवं सुपर स्पेशलिटी चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार के लिए अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी तथा उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के प्राचार्य प्रो. डॉ. अजय आर्या से अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। सचिव विनय शंकर पांडे ने ऑनलाइन पंजीकरण से चिकित्सकीय परामर्श व क्यू आर कोड के माध्यम से भुगतान पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने अस्पताल में मरीजों की सुविधा, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर प्राचार्य को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रो. डॉ. अजय आर्या, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, डॉ. शहजाद अहमद, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. रश्मि पंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल, डॉ. परमजीत सिंह, डॉ. वैभव कुमार, जी.बी. मौल, टी. मैथ्यू, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, ईला चौधरी, डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सहित चिकित्सक एवं अस्पताल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे
