



रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप को आज जंतर मंतर पर अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में सीबीआई की लचर पैरवी के विरुद्ध आंदोलन करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्हें चार घंटे से अधिक पुलिस हिरासत में रख दिया गया और संसद मार्ग थाने में उनके तमाम मोबाइल फोन और अन्य साधन छीन लिए गए और देश दुनिया से उनका संपर्क काट दिया गया। पुलिस ने उन्हें किसी से भी बात करने की इजाजत नहीं दी।
इस दौरान उन्हें किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने से रोक दिया गया। उधर कमला पंत के नेतृत्व में आए आंदोलनकारी ने जंतर मंतर के दूसरे गेट पर प्रदर्शन किया धीरेंद्र प्रताप ने आज उनकी गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कांग्रेस के राज में कभी ऐसा नहीं हुआ इसमें आंदोलन करने की बिल्कुल पूरी छूट थी।
उन्होंने बताया पुलिस ने उन पर इस क्षेत्र में धारा लगने के बावजूद उसका विरोध करने और परमिशन न मिलने पर भी प्रदर्शन करने का आरोप लगाया। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि वह लोकतंत्र में जो भी कानूनी प्रक्रियाएं हैं संविधान में उसकी पूरी मान्यता करते हैं परंतु आज उन्हें जबरदस्ती गिरफ्तार किया गया और उनके मानव अधिकारों को समाप्त कर दिया गया ।जब उनके टेलीफोन आदि तमाम छीन कर उन्हें संसद मार्ग थाने में हिरासत में रखा गया ।
आज इस प्रदर्शन में कमला पंत के अलावा अनिल पत कमल पत चारु तिवारी देव सिंह रावत गरिमा दशोनी मनोज जुगराण पत्रकार उमाकांत लखेड़ा समेत करीब चार दिन दर्जन से अधिक लोगों ने भाग लिया ।और सत्याग्रह में हिस्सा लिया इसमें इस मामले की हो रही लचर पैरवी का विरोध किया ।
इस मामले में एक प्रस्ताव में सभी आंदोलनकारियों ने धीरेंद्र प्रताप को हिरासत में लिए जाने की कड़ि आलोचना की और कहा यह आंदोलनकारी के संवैधानिक अधिकारों और मानव अधिकारों का दमन है जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
