Gurmeet singh chandhok

Petrol Diesel Excise Duty: अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में ट्रेशन चल रही है। जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। देभ में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की आशंकाएं है। इसी को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने जनता को खुशखबरी दी है।
सरकार ने दोनों पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty Cut in India) को घटना दिया है। पहले जहां पेट्रोल पर 13 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगता है, उसे घटाकर अब 3 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। तो वहीं डीजल पर पहले 10 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगता है। उसे घटाकर 0 रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने पेट्रोल-डीजल से एक्साइज ड्यूटी घटाई Petrol Diesel Excise Duty
ये कटौती उस समय आई है जब अमेरिका-इजरायल-ईरान की जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी लगाई गई है। जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो रहा है। बता दें कि कि होर्मुज जलमार्ग दुनियाबर के लिए एक अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्ग है। इसी वैश्विक समुद्री मार्ग से जंग से पहले कच्चे तेल और गैस का लगभग पांचवां हिस्सा(रोजाना 20 से 25 मिलियन बैरल कच्चा तेल ) और 10 अरब घन फुट गैस पास होती थी।
ATF पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लागू Excise Duty Cut in India
पहली बार मौजूदा सरकार ने Aviation Turbine Fuel पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगाई है। शुरुआत में ये टैक्स ₹50 प्रति लीटर रखा गया था। हालांकि अब छूट के बाद ये करीब ₹29.5 प्रति लीटर हो गई है। इसका असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ सकता है। यानी प्लाइट चलाना महंगा होगा, जिससे यात्रियों के टिकट किराए पर असर पड़ सकता है।
घरेलू तेल कंपनियों को मिलेगी राहत
पेट्रोल पर सरकार ने टैक्स शून्य रखा है। तो वहीं डीजल पर ₹18.5 प्रति लीटर रखा गया है। एक्सपोर्ट के लिए पेट्रोल, डीजल और ATF पर कई शुल्कों से छूट दी गई है। 2022 में विंडफॉल टैक्स लागू हुआ था। जिसको खत्म कर दिया गया है। इससे घरेलू तेल कंपनियों को राहत मिल सकती है। ये सभी बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
आम जनता के लिए क्या कम होंगे पेट्रोल और डीजल के दाम?
एक्साइज ड्यूटी कम होने के बाद अब सवाल है कि क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होगी? तो आपको बता दें कि खबरों के अनुसार अभी फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना कम है। इसका कारण है कि तेल कंपनियों को भारी घाटा हो रहा है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गयी है। भारतीय तेल कंपनियां इसी कारण हर पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 48.8 रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद कंपनियों का घाटा थोड़ा कम हो सकता है
