
राज्य सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर बुधवार को कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की ओर से ‘मेरी योजना’ पुस्तकों को लेकर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘मेरी योजना’ पुस्तकों से गांव-गांव तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी
गोष्ठी में बताया गया कि ‘मेरी योजना’ पुस्तकों में राज्य सरकार द्वारा संचालित लगभग सभी योजनाओं और सेवाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है। खास बात यह है कि इन पुस्तकों में योजना का नाम, उसका लाभ, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया को बेहद आसान भाषा में समझाया गया है, ताकि आम जनमानस बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ उठा सके।
कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “सरकार जनता के द्वार”, “हमारा संकल्प- अनुशासित प्रदेश” और “हमारा संकल्प- भयमुक्त समाज” जैसे अभियानों के तहत जिलों में अधिकारियों का नियमित भ्रमण कराया जा रहा है। डीएम समेत तमाम अधिकारी गांवों में पहुंचकर योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और जन चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुनकर मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
निरीक्षण टीमें बनाकर की जा रही योजनाओं की समीक्षा
सचिव ने बताया कि न केवल जिलास्तर पर बल्कि मंडल स्तर पर भी आयुक्तों द्वारा निरीक्षण टीमें बनाकर योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा मंत्री, सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी समय-समय पर क्षेत्रीय दौरे कर योजनाओं की जमीनी हकीकत की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। ‘मेरी योजना’ पुस्तकों की प्रिंट कॉपी जनप्रतिनिधियों, विभागाध्यक्षों, राजकीय पुस्तकालयों और जिलास्तरीय कार्यालयों को भेजी गई है, ताकि योजनाओं की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर तक आसानी से पहुंच सके और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।
