
नैनीताल के बिन्दुखत्ता को जल्द ही राजस्व गांव घोषित किया जाएगा। बीते मंगलवार को सीएस आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में इसे लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में सीएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में इसे लेकर प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।
बिन्दुखत्ता को किया जाएगा राजस्व गांव घोषित
बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने के संबंध में मंगलवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिन्दुखत्ता राजस्व गांव के प्रस्ताव को आगामी 25 फ़रवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाए।
वन विभाग के अधिकारी समेत विधायक रहे बैठक में मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव वन आर. के. सुधांशु, सचिव वन सी. रविशंकर, सचिव राजस्व अमिताभ श्रीवास्तव, HOFF रंजन, कल्याणी, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, वरिष्ठ नेता कुंदन चुफाल, जगदीश पंत, प्रकाश आर्य, मनीष बोरा और पूर्व सैनिक सुंदर सिंह खनका उपस्थित रहे।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग क्यों उठ रही है?
बता दें बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मुख्य मांग वहां की 70-80 हजार की आबादी को भूमि मालिकाना हक (रजिस्ट्री/पट्टे) दिलाने के लिए है। 1966 में वन विभाग द्वारा आरक्षित वन घोषित किए जाने के कारण, यहां के निवासी दशकों से मूलभूत सुविधाओं, सरकारी योजनाओं और जमीन के मालिकाना हक से वंचित हैं।
