Gurmeet singh chandhok

लालकुआँ। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आध्यात्मिक गुरु एवं उत्तराखंड सरकार के मंत्रिमंडल में पर्यटन, सांस्कृतिक एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने माँ अवंतिका मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ अवंतिका के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की तथा अवंतिकेश्वर महादेव में जल अर्पित कर शिव आराधना की।
मंदिर परिसर में उनके आगमन पर “हर-हर महादेव” और “जय माँ अवंतिका” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्त समुदाय एवं मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने पुष्पमालाओं एवं मंगल पट्टिका से उनका भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सतपाल महाराज ने महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शिवत्व को आत्मसात करने का दिव्य अवसर है। उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ की आध्यात्मिक परंपराएं पूरे देश को दिशा देने का सामर्थ्य रखती हैं।
मंदिर कमेटी के महामंत्री भुवन पांडे ने मंत्री जी को मंदिर के सर्वांगीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में एक पत्र सौंपा। इस पर सतपाल महाराज ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि माँ अवंतिका मंदिर क्षेत्रीय आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके विकास हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का समुचित विकास पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह खाती, विधायक प्रतिनिधि गोविन्द सिंह राणा, सभासद योगेश उपाध्याय, सभासद भुवन पांडे, सभासद धन सिंह बिष्ट, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता विनोद श्रीवास्तव, अभय तिवारी, पूर्व चेयरमैन पवन कुमार चौहान, राजकुमार शर्मा, दीपु नयाल, धीरज भट्ट, राजकुमार सेतिया, नंदू राणा, शैलेन्द्र सिंह राठौड़, हरीश सिंह मेर सहित भारी संख्या में भक्तजन एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर माँ अवंतिका मंदिर एक बार फिर आस्था और अध्यात्म का केंद्र बनकर श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहा।
