Gurmeet singh chandhok

देहरादून से एक गंभीर और मानवीय पहलुओं से जुड़ा मामला सामने आया है। राजधानी में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही बीसीए तृतीय वर्ष की एक छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी के कुछ दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
देहरादून में लिव-इन में रह रही BCA छात्रा की संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार मृतका उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र की रहने वाली थी और देहरादून के सुभाष नगर क्षेत्र में स्थित एक विश्वविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस के अनुसार वह अपने ही क्षेत्र के युवक मनीष के साथ लिव-इन में रह रही थी। युवक उसी विश्वविद्यालय से बीएससी न्यूट्रीशन साइंस की पढ़ाई कर चुका है।
प्री-मेच्योर डिलीवरी के कुछ दिन बाद तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक युवती गर्भवती थी। आठ माह के गर्भकाल में कुछ दिन पहले उसकी सिजेरियन के माध्यम से प्री-मेच्योर डिलीवरी कराई गई थी। जन्म के बाद नवजात शिशु को एनआईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। डिलीवरी के बाद युवती अपने साथी के साथ ही रह रही थी।
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रविवार को अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जिसके बाद उसका साथी उसे तत्काल चिकित्सालय लेकर पहुंचा, लेकिन जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बेटी की मौत की सूचना मिलते ही परिजन खटीमा से देहरादून पहुंचे।
डिलीवरी के समय ही परिजनों को मिली थी जानकारी
परिजनों का कहना है कि उन्हें युवती के लिव-इन में रहने और गर्भावस्था की जानकारी डिलीवरी के समय ही मिली थी। पुलिस के अनुसार युवती की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डिलीवरी के बाद चिकित्सकीय देखभाल में किसी स्तर पर कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
युवाओं ने नहीं कराया था UCC में पंजीकरण
मामले में UCC का पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार दोनों ने यूसीसी पोर्टल पर अपने लिव-इन संबंध का पंजीकरण नहीं कराया था और न ही परिजनों को साथ रहने की जानकारी दी थी। अब फिलहाल सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
